ट्रक का धक्के से स्कूटी सवार घायल, ईलाज जारी।

डब्लू सिंह हमेशा जरूरतमंदों की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं।

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राजेश तिवारी (संवाददाता) 

रेनुकूट/सोनभद्र-

 

गरीबों को भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक चीजें दान करते हैं।

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जब कभी कोई दुर्घटना होती है, तो डब्लू सिंह और उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाते हैं। 

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वे बिना किसी स्वार्थ के लोगों की जान बचाने के लिए हमेशा  तत्पर रहते हैं।

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स्थानीय चौकी क्षेत्र कृष्णा मंदिर के पास आज सुबह लगभग 10 बजे एक ट्रक ने एक स्कूटी सवार को टक्कर मार दी। स्कूटी सवार रेणुकूट के यूकों बैंक के मैनेजर बताए जा रहे हैं।दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत निशा बबलू सिंह को सूचना दी।

सूचना मिलते ही डब्लू सिंह उनके सदस्यों ने घायल व्यक्ति को उठाकर तत्काल हिंडालको हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी रेफर कर दिया गया।

चिकित्सकों के अनुसार उनका स्वास्थ्य सामान्य है।आज के जमाने में किसी भी व्यक्ति की जान बचाने वाले को देवदूत कहना उचित होगा, क्योंकि उन्होंने किसी की जान बचाकर एक नेक काम कर किया है। देवदूत को भगवान का दूत माना जाता है और वही लोगों की मदद करते हैं।

ऐसे व्यक्ति को मसीहा भी कहा जा सकता है, क्योंकि उन्होंने किसी को मौत के मुंह से निकालकर एक नया जीवन दिया है। उनकी बहादुरी और निस्वार्थता को जितना भी सराहा जाए उतना कम है।स्थानीय लोगों का कहना है कि रेणुकूट क्षेत्र में दिन हो या रात हमेशा डब्लू सिंह का दरबार खुला रहता है।

कोई दुख में हो या कोई बीमार हो या किसी को कोई तकलीफ हो, वह दरबार पहुंचकर अपनी फरियाद सुनते हैं और देवदूत के नाम से जाने जाने वाले डब्लू सिंह सुनते ही अपनी गाड़ी को चालू करके उसका तुरंत निस्तारण करते हैं। इनकी जितनी भी बात करिए वह बहुत कम है। कुछ ही समय में रेणुकूट के मसीहा बनकर लोगों की जान बचाना, इंसानियत और मानवता को एक मिसाल संदेश देने का काम कर रहे हैं। सोनभद्र की धरती पर ऐसा कोई व्यक्ति हो जो दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर लोगों की जान बचाने का कार्य कर रहा हो या कोई ऐसी संगठन हो तो बताएं।

आज के दुनिया में दुर्घटना स्थल पर पहुंचकर उसकी जान बचाना सोनभद्र में ऐसा कोई भी समाज और संगठन नहीं है जो किसी को मौत की जान से निकालकर उसकी एक जिंदगी देने का कार्य कर रहा हो। यह संगठन सिर्फ सोनभद्र रेणुकूट डब्लू सिंह के सौजन्य से तन मन धन से दुर्घटना व्यक्तियों की जान बचाना जैसे कि देश की रक्षा करने का है।

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