चौका नदी पर पुल की मांग को लेकर सुमरावा ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल न होने के कारण रोजमर्रा की जिंदगी, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
सुमरावा, हाजीपुर, घासीपुर, अदवारी, करेहका ऊंचागांव समेत आसपास के दर्जनों गांवों के निवासियों ने संयुक्त आवेदन में बताया कि चौका नदी दोनों किनारों पर बसे इन गांवों को जोड़ने के लिए कोई स्थायी पुल नहीं है
सुमरावा (सकरन ब्लॉक) के ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर चौका नदी पर पक्के पुल के शीघ्र निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल न होने के कारण रोजमर्रा की जिंदगी, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।सुमरावा, हाजीपुर, घासीपुर, अदवारी, करेहका ऊंचागांव समेत आसपास के दर्जनों गांवों के निवासियों ने संयुक्त आवेदन में बताया कि चौका नदी दोनों किनारों पर बसे इन गांवों को जोड़ने के लिए कोई स्थायी पुल नहीं है। खासकर मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ जाने से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है और नाव के सहारे पार करने में जान का खतरा बना रहता है।
आवेदन में मुख्य समस्याओं का उल्लेख किया गया है:
आवागमन में भारी कठिनाई, विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
बरसात में नाव से पार करते समय दुर्घटना का लगातार खतरा।किसानों को अपनी फसल नदी पार ले जाने में परेशानी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
Read More गोरखपुर: खजनी के महुआडाबर में चोरों का आतंक, 3 दिन में 2 बड़ी चोरियां, 20 लाख से अधिक का नुकसानमांग पत्र पर दीपक कुमार, साबिर खान, लवकुश,उमेश पटेल, सारजन गिरि, अनुराग पांडे, अनवर, रंजीत निर्मल,रिंकू सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए चौका नदी पर पक्के पुल के निर्माण की स्वीकृति शीघ्र प्रदान की जाए। ग्रामीणों ने लिखा है कि यह पुल क्षेत्र के हजारों निवासियों के लिए एक वरदान साबित होगा।स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी कई बार ज्ञापन और प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।सीतापुर जिले के कई इलाकों में नदियों पर पुलों की कमी लंबे समय से विकास की राह में बाधक बनी हुई है। यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू किया जाता है तो क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
नितिन कुमार (संवाददाता) सुमरावा सीतापुर।


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