सफाईकर्मी से अवैध वसूली का वीडियो जारी होने के बाद भी नहीं हुई एडीओ पंचायत के खिलाफ़ निलंबन की कार्यवाही
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अम्बेडकरनगर। जिले के विकास खंड बसखारी में सफाई कर्मी से पेरोल भेजने के नाम पर की जा रही वसूली के वीडियो जारी होने के बाद भी संबंधितों पर कार्यवाही न करने का है।
पिछले दिनों एक सफाई कर्मी ने खुद कैमरे में पूरी घटना कैद की थी जिसमें वह पेरोल भेजने के लिए 200 रुपया लिए जाने के बारे में बोल रहा है कि पहले तो 100 रुपया था अब 200 कैसे हो गया।अच्छे मेरे पास सिर्फ 200 रुपए ही हैं 100 रुपए ले लीजिए 100 मैं फिर दे दूंगा।
वीडियो सोशल मीडिया पर चलने के बाद भी अधिकारियों नेणाज तक किसी भी आरोपी के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं कि जबकि अभी कुछ महीने पहले ठीक इसी तरह का मामला विकास खंड भीटी में भी पैरोल भेजने के लिए सफाई कर्मी से वसूली करने का सामने आया था जिसपर बिना किसी नोटिस स्पष्टीकरण के तत्काल कार्यवाही करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने 2 सफाई कर्मी सही प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत रामजीत शास्त्री को भी निलंबित कर दिया था जो आज तक निलंबित है। परंतु बिल्कुल हु बहु उसी तरह की घटना के बाद भी आज तक किसी के विरुद्ध कोई कार्यवाही न किया जाना किसी और तरफ इशारा करता है।
विकास खंड भीटी की घटना के बाद ही यह चर्चा आम हो गई थी कि भ्रष्टाचार का यह सिस्टम पूर्व में तैनात सहायक विकास अधिकारी पंचायत बृजेश सिंह ने विकसित किया था। रामजीत शास्त्री को उसमें बिला वजह बलि का बकरा बनाया गया।तब बात आई है हो गई थी लेकिन विकास खंड बसखारी में विकास खंड भीटी की घटना की पुनरावृत्त होने पर प्रमाणित हो गया कि भ्रष्टाचार का यह तंत्र बृजेश सिंह द्वारा ही बनाया गया है। सब कुछ सिद्ध हो जाने के बाद भी बृजेश सिंह के विरुद्ध कार्यवाही न होना यह दर्शाता है कि वह जिले के उच्च अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण कर्मचारी अर्थात कमाऊं पूत है।
भ्रष्ट के साथ साथ दबंग ADO पंचायत की छवि है बृजेश सिंह की
जिस विकास खंड में रहे अंदर बाहर हर तरफ लूट मचाई और की तैनाती वाले विकास खंड में किसी गरीब चाय वाले का 15000 रुपया बाकी कर हजम कर गए अब पैसा मांगने पर गरीब चाय वाले को गाली भी देते हैं। वही वाले ने वीडियो बनकर अपनी बात जिला अधिकारी तक पहुंचाई लेकिन उन्होंने भी उस गरीब चाय वाले की कोई मदद नहीं की।
इससे साफ जाहिर होता है कि ब्लॉक बसखारी में तैनात एडीओ पंचायत बृजेश सिंह पर अधिकारी कर्मचारी किस तरह से मेहरबान है।जिस तरीके से वीडियो में पेरोल के नाम पर अवैध वसूली करना दिखाया गया है इसके बाद भी कार्यवाही न करना साफ जाहिर हो रहा है कि अवैध वसूली का धंधा जिले के बड़े अधिकारियों की निगरानी में चल रहा है।
पेरोल के नाम पर रामजीत शास्त्री पर आखिर क्यों की गई कार्यवाही
जो ऊपर के अधिकारियों को हिस्सा नहीं पहुचाएगा उसपर बिना सवाल जवाब के सीधे होगी कार्यवाही,बाकी जो बृजेश सिंह की तरह जिले पर हिस्सा पहुंचाएगा उससे स्पष्टीकरण मांग कर छोड़ दिया जाएगा।
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