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बेतिया में 2 जून से लगेगा संस्कृत महाकुंभ
12 दिनों में संस्कृत वाचन सिखाने में दक्ष बनेंगे बिहार और झारखंड के चयनित प्रतिभागी
बेतिया - संस्कृत को जन-जन की भाषा बनाने के उद्देश्य से काम कर रही अखिल भारतीय संस्था संस्कृत भारती द्वारा स्थानीय बरवत विद्या मंदिर में 12 दिनों का संस्कृत शिक्षक प्रशिक्षण वर्ग लगाया जाएगा। इस बाबत जानकारी देते हुए संस्कृत भारती के जिला संयोजक विभाकर दुबे ने बताया कि प्रतिवर्ष गर्मी की छुट्टी में यह वर्ग आयोजित होता है, जहां लोग संस्कृत बोलने और सिखाने की कला सीखते हैं। विद्या मंदिर के प्राचार्य फणीश्वरनाथ ने बताया कि संस्कृत प्राचीन काल में जन-जन की भाषा थी।
यह एक वैज्ञानिक भाषा है। इसे हम सबको अपनाना चाहिए। आज इसे फिर से जन्म भाषा बनाने का प्रयास संस्कृत भारती के द्वारा किया जा रहा है। इस क्रम में विद्या भारती के विभाग निरीक्षक ललित राय ने बताया कि संस्कृत सीखने के लिए संस्कृत संभाषण वर्ग आयोजित किए जाते हैं इन संभाषण वर्ग में प्रशिक्षण देने वाले शिक्षकों को तैयार करना अत्यंत आवश्यक है इसी उद्देश्य से यह प्रशिक्षण वर्ग लगाया जा रहा है उन्होंने बताया कि शिक्षक प्रशिक्षण के साथ ही सामान्य लोगों की भी प्रशिक्षण की व्यवस्था रहेगी ताकि जो लोग शिक्षक प्रशिक्षण में हिस्सा ले रहे हैं उन्हें संस्कृत सीखने का प्रत्यक्ष अनुभव हो सके और इसमें आने वाली कठिनाइयों को भी वर्ग में ही वह दूर करके जाएं प्राचार्य फणीश्वर नाथ ने लोगों से आ हवन किया कि इस वर्ग में ज्यादा से ज्यादा संख्या में हिस्सा ले बच्चों से लेकर बूढ़े तक इस वर्ग में सहभागी कर सकते हैं।
संस्कृत भारती के प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख देव निरंजन दीक्षित ने बताया कि ऐसे वर्गों में हिस्सा लेने से संस्कृत बोलना बहुत सरल तरीके से लोग सीख जाते हैं क्योंकि पूरे वर्ग में संस्कृत में वातावरण होता है लोग अन्य भाषा का प्रयोग नहीं करते हैं जिस चलते हैं धीरे-धीरे लोग संस्कृत बोलने लग जाते हैं उन्होंने अवयव को से भी आह्वान किया कि बच्चों को यदि संस्कार देना है तो उन्हें संस्कृत से जोड़ना पड़ेगा और संस्कृत सीखने के लिए ऐसे प्रशिक्षण वर्ग में भेजना अच्छा विकल्प है। जिला संयोजक और एमजेके कॉलेज के संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉक्टर विभाग कर दुबे ने बताया कि पूरे बिहार झारखंड से लगभग 80 प्रतिभागी इसमें हिस्सा लेंगे वहीं इस वर्ग में संस्कृत भारती के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री देव पुजारी रहने वाले हैं। इस मौके पर विद्या मंदिर के सचिव उमेश श्रीवास्तव, राजेन्द्र कुमार आदि उपस्थित रहे।


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