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बेतिया में आशा कार्यकर्ताओं का सरकार पर तीखा हमला, बकाया भुगतान से लेकर बहाली घोटाले तक उठे गंभीर सवाल
आशा कार्यकर्ताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा
स्वतंत्र प्रभात | संवाददाता अतुल कुमार
प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश
बेतिया। बिहार राज्य आशा संघ एटक की अहम बैठक शनिवार को बेतिया स्थित बलिराम भवन सभागार में साधना देवी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में पश्चिम चंपारण जिले सहित विभिन्न प्रखंडों से पहुंची सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों, समस्याओं और कथित अनियमितताओं को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया। पूरे कार्यक्रम के दौरान आशा कर्मियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए तत्काल सुधार की मांग की।
बैठक में मुख्य रूप से आशा कार्यकर्ताओं के बकाया मानदेय भुगतान में लगातार हो रही देरी, भुगतान प्रक्रिया में व्याप्त अनियमितता को समाप्त करने, तथा पूर्व की भांति भुगतान प्रणाली को फिर से अश्विन पोर्टल के माध्यम से लागू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि समय पर भुगतान न होने से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है, बावजूद इसके विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
इसके साथ ही सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष किए जाने की भी पुरजोर मांग रखी गई। आशा कर्मियों का कहना था कि वे वर्षों से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ की तरह काम कर रही हैं, ऐसे में अनुभव और सेवाओं को देखते हुए उन्हें सम्मानजनक सेवा अवधि मिलनी चाहिए।
बैठक में आशा बहाली प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिले के कई क्षेत्रों में पहले से आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यरत लोगों के बावजूद नए स्तर पर आशा बहाली के नाम पर लाखों रुपये तक की अवैध वसूली की शिकायतें सामने आ रही हैं। इस संबंध में कई बार जिला पदाधिकारी को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आक्रोश और बढ़ गया है।
आशा कार्यकर्ताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर 26 मई को पटना में बिहार विधानसभा का घेराव करेंगी। इसके लिए पश्चिम चंपारण से हजारों आशा कार्यकर्ता 25 मई को ही पटना के लिए रवाना होंगी और बड़े पैमाने पर आंदोलन में शामिल होंगी।
बैठक को संबोधित करते हुए बिहार राज्य आशा संघ एटक के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश में मजदूरों और गरीबों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है और पूंजीपतियों के हित में नीतियां बनाई जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने वाले मजदूर नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है, घरों में नजरबंद किया जा रहा है और जेल भेजा जा रहा है।
Read More अनियंत्रित होकर स्कूल मिनी बस पलटने से शिक्षिका सहित आधा दर्जन छात्रा हुई जख्मी, इलाज जारीउन्होंने कहा कि इस तरह की नीतियां लोकतंत्र के खिलाफ हैं और मजदूरों को अब अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर निर्णायक संघर्ष करना होगा। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं की मांगों का समर्थन करते हुए संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया और सभी कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने का आह्वान किया।
बैठक के दौरान पूरे सभागार में उत्साह और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में उपस्थित आशा कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
बैठक में रंजना चौहान, मुन्ना देवी, लछमीना देवी, सुनीता देवी, नूरजहां खातून, सुमैया खातून, सायरा बेगम, रीता देवी, पूनम, सरोज, निर्मला, नीलम, संजू, सुन्दरम देवी सहित सैकड़ों आशा कार्यकर्ता उपस्थित रहीं और आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।


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