गोविंदपुर में गहराया गैस संकट, आक्रोशित उपभोक्ताओं ने किया सड़क जाम
रातभर लाइन में खड़े रहने के बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर
पटना ,स्वतंत्त्र प्रभात बिहार ब्यूरो
प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश
नवादा जिले के गोविंदपुर में घरेलू गैस की किल्लत दूर होने का नाम नहीं ले रही है। आए दिन उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर लेने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गोविंदपुर-बरेव मुख्य मार्ग स्थित धनपुरी के समीप इंडेन गैस गोदाम पर सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी-लंबी कतारें रात से ही लग जाती हैं, लेकिन सुबह होते ही उपभोक्ताओं को यह कहकर लौटा दिया जाता है कि गैस उपलब्ध नहीं है।
जानकारी के अभाव में लोग पूरी रात लाइन में खड़े रहते हैं और सुबह निराश होकर वापस लौट जाते हैं। कई उपभोक्ता भाड़ा खर्च कर दूर-दराज गांवों से गैस गोदाम तक पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि गैस एजेंसी कार्यालय पहुंचने पर कर्मियों द्वारा दो दिन बाद गैस मिलने की बात कही जाती है, लेकिन निर्धारित तिथि पर गोदाम पहुंचने के बाद भी गैस नहीं मिलती।उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि गैस वितरण की निश्चित तिथि बता दी जाए तो उसी हिसाब से लोग आएंगे और उन्हें बार-बार आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
गैस नहीं मिलने पर फूटा लोगों का गुस्सा
मंगलवार को भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। सोमवार रात से ही बड़ी संख्या में लोग गैस लेने के लिए कतार में खड़े थे, लेकिन मंगलवार सुबह गैस नहीं मिलने की सूचना मिलते ही लोगों का सब्र टूट गया और आक्रोशित उपभोक्ताओं ने सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम होने से मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और लोगों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया। इस दौरान उपभोक्ताओं ने गैस एजेंसी के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। लोगों का आरोप था कि एजेंसी के सभी कर्मियों ने अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर रखे हैं, जिससे किसी प्रकार की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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उपभोक्ता जानकी देवी ने बताया कि पिछले 15 दिनों से उन्हें गैस नहीं मिल रही है। गैस लेने के लिए बार-बार गोदाम आने-जाने में करीब 1500 रुपये भाड़ा खर्च हो चुका है। उन्होंने कहा कि रोज कहा जाता है कि “आज मिलेगा, कल मिलेगा”, लेकिन गैस नहीं दिया जा रहा है। राजू कुमार ने बताया कि वह पिछले एक महीने से गैस के लिए चक्कर काट रहे हैं। हर बार गोदाम आने-जाने में पैसे खर्च हो रहे हैं, लेकिन गैस नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कोई सही जानकारी देने वाला भी नहीं है। कांति देवी ने बताया कि वह 15 किलोमीटर दूरी तय कर गैस लेने के लिए आती हैं, लेकिन कई दिनों से सिर्फ दौड़ाया जा रहा है। आने-जाने में खर्च भी हो रहा है और गैस भी नहीं मिल रही है।
वहीं अमित कुमार ने बताया कि डीएसी नंबर रहने के बावजूद उन्हें गैस नहीं दिया जा रहा है। बार-बार टहलाया जाता है और जब एक सप्ताह बीत जाता है तो कहा जाता है कि डीएसी की अवधि समाप्त हो गई, अब दोबारा बुकिंग करानी होगी। जांच के बाद लाइसेंस रद्द करने की हो सकती है कार्रवाई
इस मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार शैलेंद्र ने बताया कि गैस किल्लत और उपभोक्ताओं की परेशानी का मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि यदि कनेक्शनधारियों द्वारा लिखित आवेदन दिया जाता है तो प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट में अनियमितता पाए जाने पर जिला पदाधिकारी को गैस एजेंसी का लाइसेंस रद्द करने के लिए अनुशंसा भेजी जाएगी। लगातार बढ़ रही गैस समस्या से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।


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