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संस्कृत शिक्षक उत्थान समिति के अध्यापकों ने जिला अधिकारी मिर्जापुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को सौपा ज्ञापन।
मीरजापुर।
रतन पाडेय
मिर्जापुर। संस्कृत शिक्षक उत्थान समिति के बैनर तले जनपद के मानदेय संस्कृत शिक्षकों ने सोमवार को श्रीमती माधुरी तिवारी, प्रभारी प्रधानाचार्य श्री जोखन राम संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खैरा बगहा के नेतृत्व में जिलाधिकारी मिर्जापुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक संस्कृत विद्यालयों में वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के सीधे नियमितीकरण (समायोजन) की मांग उठाई। शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न संस्कृत विद्यालयों में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षक आज भी अल्प मानदेय पर कार्य करने को विवश हैं, जिससे उनके सामने आर्थिक एवं सामाजिक समस्याएं लगातार बनी हुई हैं।
ज्ञापन में बताया गया कि सभी मानदेय शिक्षकों की नियुक्ति निर्धारित चयन प्रक्रिया, साक्षात्कार एवं योग्यता के आधार पर की गई थी तथा वे वर्षों से संस्कृत शिक्षा के प्रचार-प्रसार एवं विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शिक्षकों ने “समान कार्य के बदले समान वेतन” के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि वे नियमित शिक्षकों की तरह पठन-पाठन, परीक्षा कार्य, विद्यालय संचालन एवं अन्य शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बहुत कम मानदेय दिया जाता है।
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शिक्षकों ने मांग की कि लंबे समय से सेवा दे रहे मानदेय शिक्षकों के अनुभव एवं कार्यकाल को आधार बनाकर रिक्त पदों पर सीधे समायोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि नई भर्ती प्रक्रिया में पुनः परीक्षा या साक्षात्कार कराया जाता है तो यह वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के साथ अन्याय होगा।
ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं शासन से संस्कृत शिक्षा को मजबूत बनाने तथा शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई। इस दौरान श्रीमती माधुरी तिवारी, श्रीमती आराधना सिंह, श्रीमती अनुराधा कसेरा, बलभद्र शुक्ला, शंभूनाथ त्रिपाठी, मुन्नू कुमार पांडेय सहित अन्य मानदेय शिक्षक उपस्थित रहे।


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