सुपौल में LPG संकट से निपटने के लिए कोयला वितरण की तैयारी, प्रशासन अलर्ट
PDS के माध्यम से कुकिंग कोयला आपूर्ति की पहल, गैस एजेंसियों पर निगरानी और छापेमारी तेज
जिले में रसोई गैस (LPG) की कमी से आमजन को हो रही परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कोयला आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एवं के प्रावधानों के तहत जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से जरूरतमंद लाभुकों को कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों और अनुमंडल पदाधिकारियों को आवश्यकता का आकलन कर कोयले के आवंटन की मांग भेजने का निर्देश दिया है। वहीं द्वारा जिले में दो कोयला विक्रेताओं के चयन के लिए राज्य स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस बीच, प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्राद्ध, मुंडन, उपनयन एवं अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए वाणिज्यिक LPG सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की है। इसके लिए कैटरर्स एवं रसोइयों को तेल कंपनियों के साथ निबंधन कराना अनिवार्य किया गया है, जिसकी प्रक्रिया 5-7 दिनों में पूरी की जाएगी।
सीमावर्ती क्षेत्रों में गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि ईंधन की कालाबाजारी और तस्करी पर रोक लगाई जा सके। वर्तमान में जिले की 51 गैस एजेंसियों में से 46 पर LPG उपलब्ध है, जबकि शेष एजेंसियों में जल्द आपूर्ति की संभावना है।
प्रशासन के अनुसार, जिले में लगभग 11825 सिलेंडरों का स्टॉक मौजूद है और 5917 सिलेंडर जल्द प्राप्त होने वाले हैं। प्रतिदिन औसतन करीब 4937 उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की जा रही है, जबकि अभी 23615 उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर गैस देना बाकी है।
गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 21 होटलों व प्रतिष्ठानों की जांच की गई है और घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग के आरोप में तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1906 सहित संबंधित गैस कंपनियों के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि LPG की उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है और अस्पतालों व सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।


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