राष्ट्रीय लोक अदालत को ले सचिव कर रहे ताबड़तोड़ बैठकें और निरीक्षण
-न्यायिक मजिस्ट्रेट, अधिकारियों संग बैठक कर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र न्यायाधीश ने किया चिंतन-मनन
अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश -
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के तत्वावधान में 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर न्यायिक मजिस्ट्रेट अधिकारियों की आहूत बैठक में चिंतन मनन और रणनीतियां तैयार की गयी।

आलोक यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अमित कुमार III सिविल जज, यादवेन्द्र सिंह, सिविल जज, सं० वि०/एफ०टी०सी श्रीमती इन्दू वर्मा, सि० जज, जू० डि० शिवेश राज जायसवाल न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीमती आकृति प्रकाश, सिविल जज, सी०डि०/एफ०टी०सी० सी०ए०डब्लू० अभिनव दूबे, सिविल जज सी०डि०/एफ०टी०सी०, 14वां वित्त मुरलीधर सिंह विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं यमुना शंकर पाण्डेय, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट-II सोनभद्र की
उपस्थिति में अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी दिनांक 14.03.2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों में नोटिस का तामीला सुनिश्चित कराते हुए अधिक से अधिक संख्या में न्यायालयों में लम्बित मामलों एवं सुलह योग्य प्री-लिटीगेशन स्तर पर मुकदमों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण कराने का कष्ट करें। जानकारी सीविल जज सीनियर डिवीजन/ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र सचिव राहुल ने दी
राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विशिष्ट विषय आपराधिक शमनीय बाद, धारा-138 एन.आई एक्ट आर्बिट्रेशन, एवं (Petty Offences) के वाद, बैंक वसूली वाद मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, पारिवारिक वादों, श्रम वादों, भूमि अधिग्रहण के वाद, विद्युत एवं जल बिल (excluding non-compoundable), सर्विस में वेतन एवं भत्तों से सम्बन्धित एवं सेवानिवृतिक परिलाभों से सम्बन्धित विवाद, राजस्व वाद (केवल उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालयों में लम्बित वाद), अन्य सिविल वादों (किराया, सुखाविकार, व्ययादेष विशिष्ट अनुतोष वाद) से सम्बन्धित मामलों के साथ साथ सुलह योग्य प्री लिटिगेशन मामलों को भी सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया जायेगा।

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