सोनभद्र जल संचयन इकाई बनेगी किसानों का सुरक्षा कवच, जिलाधिकारी ने मुसही गाँव में मॉडल का किया निरीक्षण

जल संकट से निपटने के लिए जल संचयन इकाई होगी वरदान साबित -जिलाधिकारी

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अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

सोनभद्र / उत्तर प्रदेश-

 जनपद में गहराते जल संकट के स्थायी समाधान और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी बद्री नाथ सिंह ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल का अवलोकन किया। रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के ग्राम मुसही में अग्रणी किसान जय नारायण तिवारी द्वारा स्थापित की गई जल संचयन इकाई का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने इसे जिले के भविष्य के लिए वरदान करार दिया।

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कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के तत्वावधान में स्थापित इस इकाई की कार्यप्रणाली को समझते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सोनभद्र की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए वर्षा जल का संरक्षण अनिवार्य है। जल संकट के कारण अक्सर फसलें सूख जाती हैं, लेकिन इस तकनीक से संरक्षित जल सिंचाई के संकट को दूर करेगा। यह इकाई न केवल खेती बल्कि भूगर्भ जल स्तर को सुधारने में भी सहायक सिद्ध होगी, जिससे पेयजल की समस्या में कमी आएगी।

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जिलाधिकारी ने अग्रणी किसान जय नारायण तिवारी की पहल की सराहना करते हुए कहा कि जिले में इस प्रकार की इकाइयों की स्थापना को व्यापक स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने खेतों में लगी बागवानी और विभिन्न फसलों का बारीकी से निरीक्षण किया और वैज्ञानिकों को निर्देश दिए कि अन्य किसानों को भी इस मॉडल के प्रति जागरूक किया जाए।

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निरीक्षण के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने जल संचयन की विभिन्न बारीकियों पर चर्चा की। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) अवधेश कुमार एवं प्रत्यूष त्रिपाठी (संस्था प्रतिनिधि) जिलाधिकारी के इस दौरे से स्पष्ट है कि प्रशासन अब पारंपरिक खेती के बजाय जल संचयन आधारित कृषि पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। यदि जनपद के अन्य किसान भी इस तकनीक को अपनाते हैं, तो सोनभद्र में सूखे की मार को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

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