राजनीति
शौर्य और अनुशासन का प्रदर्शन ओबरा में CISF ने हर्षोल्लास के साथ मनाया 57वां स्थापना दिवस
भव्य परेड में बल के जवानों ने दिखाया अदम्य साहस, मुख्य महाप्रबंधक ने की सुरक्षा तैयारियों की सराहना
अजित सिंह/ राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
ओबरा/सोनभद्र-
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की ओबरा तापीय विद्युत परियोजना (ओटीएचपीपी) इकाई द्वारा बल का 57वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। ओबरा स्थित CISF परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में बल के जवानों ने अपने अनुशासन और शौर्य से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओबरा तापीय विद्युत परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक इंजीनियर राजेंद्र कुमार अग्रवाल रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में SDM ओबरा विवेक कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी (CO) अमित कुमार उपस्थित रहे। कमांडेंट सतीश कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में जवानों ने भव्य परेड प्रस्तुत की। परेड का नेतृत्व निरीक्षक (अग्नि) हुपेंद्र कुमार ने किया, जबकि परेड टू कमांडर उप निरीक्षक जितेंद्र सिंह यादव रहे।

जवानों के कदमताल और अनुशासित प्रदर्शन की मुख्य अतिथि एवं दर्शकों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। संबोधन के दौरान मुख्य अतिथि और कमांडेंट ने CISF के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डाला बल का गठन 10 मार्च 1969 को रांची अग्निकांड के बाद मात्र 3129 जवानों के साथ किया गया था। आज यह बल 2,20,000 से अधिक जवानों वाला एक विशाल और आधुनिक सुरक्षा संगठन बन चुका है।

CISF न केवल औद्योगिक प्रतिष्ठानों, बल्कि हवाई अड्डों, परमाणु संयंत्रों, दिल्ली मेट्रो, संसद भवन और अति-विशिष्ट व्यक्तियों (VIPs) की सुरक्षा का जिम्मा भी बखूबी संभाल रहा है। देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में CISF की भूमिका अतुलनीय है। ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा इस बल की पहचान है।
इंजीनियर राजेंद्र कुमार अग्रवाल, मुख्य महाप्रबंधक इस अवसर पर परियोजना और बल के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें संजीव कुमार सिंघल (महाप्रबंधक, संचालन) दिवाकर स्वरूप (महाप्रबंधक, सिविल)प्रसून कुमार सिन्हा (उप कमांडेंट, अग्नि)आनंद कुमार नारा एवं जी. टोप्पो (सहायक कमांडेंट) कार्यक्रम में ओबरा तापीय विद्युत परियोजना के विभिन्न अभियंता, CISF के अधिकारी, जवान और उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जो देश के प्रति बल के समर्पण का प्रतीक था।

Comments