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इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश-लक्ष्य पूरा न कर पाना न कदाचार है और न ही निलंबन का आधार
सोनभद्र में तैनात अवर अभियंता रामनारायण यादव के निलंबन पर कोर्ट ने दिया अहम फैसला
ब्यूरो रिपोर्ट
सोनभद्र (प्रयागराज) / उत्तर प्रदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि विभागीय अभियान में निर्धारित लक्ष्य पूरा न कर पाना कदाचार नहीं है। इस आधार पर न किसी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है और न ही यह निलंबन का आधार बन सकता है।

इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की एकल पीठ ने सोनभद्र में तैनात उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के सब स्टेशन कोन के अवर अभियंता रामनारायण यादव के निलंबन व अनुशासनात्मक कार्यवाही पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी ,साथ ही विभाग से 29 अप्रैल तक जवाबी हलफनामा तलब किया है।

याची को 29 दिसंबर 2025 को इस आधार पर निलंबित कर दिया गया था कि वह बिजली बिल राहत योजना (ओटीएस) के तहत राजस्व वसूली और पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने में विफल रहे। विभाग ने उन पर कार्य में शिथिलता और लापरवाही का आरोप लगाया था।

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