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जिलाधिकारी दीपक मीणा का गोला तहसील पर औचक निरीक्षण, लंबित मामलों पर कड़ी नाराजगी
ई-फाइल मूवमेंट, कोर्ट आदेशों के अनुपालन और रजिस्टर अपडेट रखने के दिए सख्त निर्देश
रिपोर्टर/ब्रिजनाथ तिवारी (ग़ोला तहसील)
ग़ोला - गोरखपुर, जनपद के प्रशासनिक मुखिया जिलाधिकारी दीपक मीणा ने शुक्रवार की देर शाम गोला तहसील का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक अमले में हलचल मचा दी। बिना पूर्व सूचना पहुंचे डीएम ने तहसील के विभिन्न अनुभागों का बारीकी से निरीक्षण किया और अभिलेखों की स्थिति, लंबित प्रकरणों तथा राजस्व न्यायालयों के कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आईजीआरएस, तहसील दिवस तथा प्रतिदिन प्राप्त होने वाले सभी प्रकरणों को अनिवार्य रूप से ई-फाइल प्रणाली के माध्यम से मूव किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर फाइल लंबित रहने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। लेखागार शाखा को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी बस्तों को तत्काल अपडेट किया जाए तथा जो भी अभिलेख अपूर्ण हों, उन्हें उच्च स्तर से जांच कर मंगाया जाए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से कोर्ट के आदेशों पर लंबित रिपोर्टों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित लेखपालों से समन्वय कर सभी लंबित आख्या शीघ्र मंगाई जाएं और न्यायालयीय आदेशों का फील्ड स्तर पर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। पीठासीन अधिकारियों को रजिस्टर व्यवस्थित रूप से मेंटेन करने तथा पुराने मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने का आदेश दिया गया।
उन्होंने एसआईआर और फॉर्मर रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में शिथिलता बरतने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध अग्रिम कार्रवाई की चेतावनी भी दी। डीएम ने कहा कि राजस्व कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तहसील निरीक्षण के बाद डीएम का काफिला देर रात लगभग 7:50 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोला पहुंचा। वहां उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर की जांच की, जिसमें ड्यूटी पर सभी कर्मचारी उपस्थित पाए गए। अस्पताल की व्यवस्थाओं का संक्षिप्त निरीक्षण करने के उपरांत रात 8:10 बजे उनका काफिला जिला मुख्यालय के लिए रवाना हो गया।
कुल मिलाकर निरीक्षण के दौरान डीएम व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिखे, हालांकि लंबित मामलों को लेकर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासनिक मशीनरी को स्पष्ट संदेश दे दिया कि कार्य में ढिलाई अब किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।

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