बरही विधायक मनोज यादव सदन में उठाया बरही ट्रॉमा सेंटर को पूर्ण सुविधा से लैस करने का मुद्दा
सड़क दुर्घटना में गोल्डन ऑवर के भीतर समुचित इलाज जरूरी, तभी बचेगी घायलों की जान : विधायक मनोज यादव
बरही, हजारीबाग, झारखंड:- बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने बजट सत्र के दौरान सदन में बरही अनुमंडल अस्पताल परिसर स्थित ट्रॉमा सेंटर की स्थिति को लेकर सरकार से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि क्या यह सही है कि हजारीबाग जिला अंतर्गत बरही अनुमंडल अस्पताल परिसर में ट्रॉमा सेंटर भवन का उद्घाटन सितंबर 2019 में हुआ था, लेकिन अब तक उसे पूर्ण चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित नहीं किया गया है। इस पर विभागीय मंत्री ने जवाब देते हुए बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल, बरही में नियमित चिकित्सा पदाधिकारी, उपाधीक्षक सहित कुल चार चिकित्सक कार्यरत हैं।
इनमें डॉ. प्रकाश ज्ञानी, डॉ. इन्द्रजीत कुमार, नीलम कंडुलिया (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और डॉ. मयंक प्रताप (हड्डी रोग विशेषज्ञ) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त डॉ. विक्रम प्रतिनियुक्त चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।।मंत्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत डॉ. पूजा कुमारी (स्त्री रोग विशेषज्ञ), डॉ. मणिकांत गुप्ता (शिशु रोग विशेषज्ञ) और डॉ. रौशन कुमार (सर्जन) अपनी सेवा दे रहे हैं। साथ ही जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) से दो चिकित्सा पदाधिकारी एवं पाराचिकित्सा कर्मियों के माध्यम से भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके बाद विधायक मनोज कुमार यादव ने सदन में यह सवाल उठाया कि क्या यह सही है कि बरही अनुमंडल क्षेत्र से गुजरने वाले एनएच-31 एवं एनएच-33 पर कई दुर्घटना जोन एवं ब्लैक स्पॉट हैं, जिसके कारण सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं और दुर्घटनाओं की प्रबल संभावना बनी रहती है। इस पर मंत्री ने स्वीकारात्मक उत्तर दिया। विधायक ने आगे पूछा कि क्या संसाधनों के अभाव में ट्रॉमा सेंटर में सड़क दुर्घटना के घायलों को केवल प्राथमिक उपचार देकर बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
इस पर मंत्री ने बताया कि सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर इलाज हेतु सदर अस्पताल-सह-शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग रेफर किया जाता है। अंत में विधायक ने सवाल किया कि यदि उपर्युक्त तथ्यों को सरकार स्वीकार करती है, तो क्या बरही ट्रॉमा सेंटर में समुचित चिकित्सा व्यवस्था बहाल कराने का सरकार का कोई विचार है? यदि हां, तो यह कब तक संभव होगा, और यदि नहीं, तो क्यों? इस पर मंत्री ने उत्तर देते हुए कहा कि उपर्युक्त प्रश्नों में स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।
इस सम्बंध में बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने कहा कि बरही अनुमंडल अस्पताल परिसर में बना ट्रॉमा सेंटर क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप अब तक पूरी तरह सुसज्जित नहीं हो पाया है, जो अत्यंत चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि एनएच-31 और एनएच-33 पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए बरही में एक पूर्ण रूप से कार्यशील ट्रॉमा सेंटर की सख्त आवश्यकता है।
विधायक ने कहा कि वर्तमान स्थिति में गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद हजारीबाग सदर अस्पताल या शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया जाता है, जिससे इलाज में देरी होती है और कई बार मरीजों की जान पर बन आती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के गोल्डन ऑवर में समुचित इलाज मिलना अत्यंत जरूरी होता है, इसलिए बरही ट्रॉमा सेंटर को आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों से लैस किया जाना चाहिए।
विधायक मनोज यादव ने सरकार से मांग की कि ट्रॉमा सेंटर में आवश्यक संसाधन, आईसीयू सुविधा, सर्जन एवं एनेस्थेटिस्ट की नियमित तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर ही गंभीर घायलों का समुचित इलाज हो सके। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को आगे भी सदन और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाते रहेंगे, ताकि बरही की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
swatantra prabhat स्वतंत्र प्रभात hazaribagh news barhi news बरही समाचार हजारीबाग खबर Manoj Kumar Yadav Barhi MLA Barhi Trauma Center Jharkhand Budget Session Jharkhand Vidhan Sabha NH31 Accident Zone NH33 Black Spot Road Accident Jharkhand Golden Hour Treatment Sheikh Bhikhari Medical College Hospital Hazaribagh National Health Mission Jharkhand DMFT Jharkhand Sub Divisional Hospital Barhi ICU Facility Demand Health Infrastructure Jharkhand Trauma Care Facility Jharkhand Health News

Comments