सोनभद्रः उच्च प्राथमिक विद्यालय डोमा ( कोन) में शिक्षक गायब, विद्यालय में लटक रहा ताला

बच्चों की पढाई बाधित ,मिड-डे मील में भारी अनियमितता ,ग्रामीणों ने किया संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की मांग

राजेश तिवारी Picture
Published On

ब्यूरो रिपोर्ट

कोन /सोनभद्र -

शिक्षा क्षेत्र कोन के उच्च प्राथमिक विद्यालय डोमा( स्थित रगरम) में शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति और मिड-डे मील में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। विद्यालय के छात्रों ने शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

IMG_20260227_160907

जनपद में हर्षोल्लास व धूम-धाम से मनायी गयी भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती Read More जनपद में हर्षोल्लास व धूम-धाम से मनायी गयी भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती

उपस्थित छात्रों ने बताया कि शिक्षक कभी-कभी विद्यालय आते हैं और चले जाते हैं और उनके द्वारा ज्यादातर नदारत रहने की जानकारी दी गई।प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त विद्यालय में महज एक ही शिक्षक की तैनाती होने से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है जिनके ऊपर तीन कक्षाओ की जिम्मेदारी है । ग्रामीणों ने भी बच्चों से शिक्षकों की उपस्थिति के बारे में पूछा, तो बच्चों ने बताया कि शिक्षक समय पर नहीं आते।

पडरौना: सुखपुरा में अंबेडकर जयंती पर भाजपा नेता एनपी कुशवाहा ने दिलाया समानता और शिक्षा का संकल्प Read More पडरौना: सुखपुरा में अंबेडकर जयंती पर भाजपा नेता एनपी कुशवाहा ने दिलाया समानता और शिक्षा का संकल्प

पुलिस अधीक्षक सोनभद्र द्वारा जनसुनवाई में आमजन की समस्याओं का संवेदनशील श्रवण, त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के निर्देश Read More पुलिस अधीक्षक सोनभद्र द्वारा जनसुनवाई में आमजन की समस्याओं का संवेदनशील श्रवण, त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण के निर्देश

ग्रामीणों का कहना है कि इस लापरवाही के कारण आदिवासी और पहाड़ी दुर्गम क्षेत्र के बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी मिड-डे मील योजना के तहत बच्चों को नियमित रूप से भोजन नहीं मिल रहा है। सोमवार को दूध और अन्य दिनों में निर्धारित भोजन भी नहीं दिए जाते।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ओर सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने और शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने की बात कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। खासकर कोन ब्लॉक के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यालयों में शिक्षकों की मनमानी इस कदर बढ़ गई है कि शिक्षक अपना शिक्षण कार्य छोड़कर विद्यालय समय में अन्यत्र स्थानों पर अन्य कार्यों में धौंस दिखाते हुए चौक चौराहों और सरकारी दफ्तरों में देखे जा सकते हैं ,जिनकी उपस्थिति विद्यालय उपस्थिति न के बराबर रहती है । 

ग्रामीणों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि शिक्षक विद्यालय नहीं आएंगे तो बच्चों की पढ़ाई कैसे होगी। उन्होंने जिलाधिकारी व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस बावत् खण्ड शिक्षा अधिकारी कोन ने सेल फोन पर बताया कि मामले की जाँच की जायेगी बहरहाल वैकल्पिक रूप में अन्य विद्यालय के अध्यापक को विद्यालय संचालन कराने के लिए भेजा गया है।

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें