वाराणसी 'टकसाल शूटआउट':  24 साल बाद धनंजय सिंह और अभय सिंह की अदावत पर आया फैसला

विधायक समेत सभी आरोपी बरी

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

ब्यूरो प्रयागराज। उत्तर प्रदेश की सियासत और जरायम की दुनिया के दो बड़े नामों, धनंजय सिंह और अभय सिंह के बीच चली आ रही दो दशक पुरानी कानूनी जंग में आज वाराणसी की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कैंट थाना क्षेत्र के चर्चित 'टकसाल सिनेमा शूटआउट' मामले में विशेष न्यायालय (MP-MLA) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने विधायक अभय सिंह, एमएलसी विनीत सिंह समेत सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
 
साल 2002 से चले आ रहे इस हाई-प्रोफाइल मुकदमे में आज फैसले की घड़ी थी। फैसला आने से पहले ही विधायक अभय सिंह अपने समर्थकों के साथ कचहरी परिसर पहुंच गए थे। कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव और संदेह का लाभ देते हुए अभय सिंह (विधायक-गोसाईगंज), विनीत सिंह (एमएलसी), संदीप सिंह, संजय सिंह, विनोद सिंह और सत्येंद्र सिंह को दोषमुक्त करार दिया।
 
घटना 4 अक्टूबर 2002 की शाम करीब 6 बजे की है। तत्कालीन केराकत विधायक धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ सफारी गाड़ी से एक मरीज को देखकर जौनपुर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा हॉल के पास पहुंची, बोलेरो सवार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया।
 
आरोप था कि विधायक अभय सिंह ने अपने साथियों के साथ उतरकर ललकारा और धनंजय सिंह की गाड़ी पर अत्याधुनिक असलहों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस जानलेवा हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए सिंह मेडिकल में भर्ती कराया गया था।
 
इस मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने उनके वहन पर फायरिंग किए जाने का आरोप लगाया था और इस मामले में एमएलसी विनीत सिंह, विधायक अभय सिंह समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। इस शूटआउट में पूर्व सांसद धनंजय सिंह के गनर और ड्राइवर को गोली लगी थी।

About The Author

Post Comments

Comments

नवीनतम समाचार