नवीनतम
फीचर्ड
राजनीति
भारत
रसोइया धमना में भव्य सनातन हिन्दू सम्मेलन का आयोजन
संतों और वक्ताओं ने किया जागरूकता का आह्वान
बरही- बरही मंडल के तत्वावधान में रसोइया धमना स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में सनातन हिन्दू सम्मेलन का आयोजन भव्य रूप से किया गया। सम्मेलन में आरएसएस के प्रांत स्तरीय कार्यकर्ता राजीव कमल बिट्टू, वृंदावन से पधारीं बाल विदुषी लाडली शरण दीदी, बोधगया मठ बिहार के सत्यानंद गिरी जी महाराज, वृंदावन गौ सम्मान आह्वान अभियान के रामदास जी महाराज तथा वृंदावन के आदेश सोनी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बरही विधायक मनोज कुमार यादव भी सम्मेलन में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन अरविंद कुमार एवं श्वेता राज लक्ष्मी ने संयुक्त रूप से किया।
अतिथियों के संक्षिप्त परिचय के पश्चात दीप प्रज्वलन, भारत माता की तस्वीर पर पुष्प अर्पण, शंखनाद एवं एकात्मता मंत्र के भाव प्रस्तुत कर सम्मेलन का शुभारंभ किया गया। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं जयघोष के साथ कार्यक्रम आगे बढ़ा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत जय माँ सरस्वती राइजिंग पब्लिक स्कूल, रसोइया धमना के बच्चों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। भामाशाह सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने गीत एवं सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। सेंट्रल मिशन पब्लिक स्कूल के बच्चों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। पलक कुमारी ने झांसी की रानी पर आधारित मणिकर्णिका नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। अंत में धन्यवाद ज्ञापन आयोजन समिति अध्यक्ष प्रो. बद्री साव ने किया।
हिंदू संगठन के प्रांत स्तरीय कार्यकर्ता राजीव कमल बिट्टू ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू बंटेगा तो देश बंटेगा, हिंदू जागेगा तो देश जागेगा। जिस देश में हम रहते हैं, वहीं भगवान राम और श्रीकृष्ण का जन्म हुआ है। महाराणा प्रताप ने घास की रोटी खाना पसंद किया, लेकिन धर्म को सर्वोपरि रखा। भारत पर अनेक आक्रमण हुए, लेकिन हम डिगे नहीं। बलि बकरी की दी जाती है, शेर की नहीं, इसका अर्थ समझना होगा। दुर्बल को देवता भी स्वीकार नहीं करते। राम नाम लिखने से पत्थर तैरता है, उनके नाम में इतनी शक्ति है।
कहा कि देश में सबसे अधिक टैक्स हिंदू समाज देता है और उसका लाभ अल्पसंख्यकों को भी मिलता है। देश की संपदा हमारी संपदा है, इसे बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है। स्त्री शक्ति स्वरूपा है। उन्होंने आह्वान किया कि लव जिहाद के बारे में अपने बच्चों को जरूर बताएं। जो भारत माता को मानता है और इस संस्कृति को स्वीकार करता है, वह सभी हिंदू हैं। वृंदावन से आईं बाल विदुषी लाडली शरण दीदी ने कहा कि जात-पात की करो विदाई, हिंदू-हिंदू भाई-भाई।
लव जिहाद से बचें। उन्होंने भाइयों से आह्वान किया कि रक्षाबंधन के अवसर पर भाई अपनी बहन को तलवार भेंट करें ताकि बहन को अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकें। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को जागने की आवश्यकता है। आरएसएस जगाने का कार्य करता है, हमें स्वयं भी जागना है और दूसरों को भी जगाना है। वृंदावन गौ सम्मान आह्वान अभियान के सदस्य रामदास जी महाराज ने कहा कि यदि वर्ष 2029 तक भारत देश में गौवंश की हत्या पूर्ण रूप से बंद नहीं हुई तो वर्ष 2036 तक एक भी गौवंश शेष नहीं बचेगा। गौहत्या खुले तौर पर की जा रही है, इसे रोकना होगा।
झारखंड में भी गौहत्या पर पूर्ण रोक लगनी चाहिए। गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए, इसकी मांग लगातार सरकार से की जा रही है। गौहत्या रोकने वालों पर मुकदमा किया जा रहा है और उन्हें धमकाया जा रहा है। जब भारत सरकार राम मंदिर ला सकती है और धारा 370 हटा सकती है, तो गौमाता को राष्ट्रमाता भी घोषित कर सकती है, बस हमें जागरूक होने की आवश्यकता है। झारखंड से 120 संत निकल चुके हैं।
गौ सम्मान आह्वान अभियान से जुड़ने की आवश्यकता है। बोधगया मठ बिहार से पधारे सत्यानंद गिरी जी महाराज ने कहा कि हमने दुनिया को खगोल विज्ञान, शून्य और आयुर्वेद दिया है। कलियुग की आयु पाँच लाख वर्ष है, जिसमें से केवल पाँच हजार वर्ष ही बीते हैं। जब यह अपने चरम पर पहुंचेगा तो क्या होगा, इसकी कल्पना करनी चाहिए। भारत में जब-जब धर्म को हानि पहुंचाने वाले आए हैं, तब-तब वीरों ने जन्म लेकर धर्म की रक्षा की है। जहां-जहां धर्म की हानि होगी, वहां आवाज उठानी होगी, तभी हमारी संस्कृति बचेगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में त्रिवेणी साव, दयानंद चौरसिया, कमिटी अध्यक्ष प्रो. बद्री साव, सचिव अरविंद कुमार, कोषाध्यक्ष नितेश कुमार, विधायक प्रतिनिधि रमेश ठाकुर, जिप सदस्या प्रीति कुमारी, सांसद प्रतिनिधि रंजीत चंद्रवंशी, विहिप जिला सहमंत्री गुरुदेव गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि भगवान केशरी, स्थानीय मुखिया, सुरेंद्र रजक, नंदकिशोर कुमार, तापेश्वर प्रसाद, हितेश राज, गोविंद राणा, उपमुखिया बिरेन्द्र साव, परमेश्वर प्रजापति, किशोर रविदास, संजय यादव, सुधीर चंद्रा, राजेश केशरी, प्रभु राणा, सुनील सोनी, निरंजन केशरी, प्रदीप चंद्रवंशी, जयंत, मुकेश, कुंदन, मुरारी, नौरंगी, इंद्रदेव गुप्ता, मनोज शंकर, राहुल राणा, राजेन्द्र साव, सरयू साव, शिवम सागर, सुनैना देवी, आरती देवी, शोभा रानी, संजू देवी, रिंकी देवी, प्रतिमा देवी, भारती देवी, सविता देवी समेत हज़ारों लोग मौजूद थे।

Comments