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मलिहाबाद (रहीमाबाद) में ‘आम’ पर कुल्हाड़ी: एक दर्जन से ज्यादा पेड़ काटे
जेसीबी से मिटाए सबूत; वन-दरोगा ताहिर खां की मिलीभगत के आरोप
मलिहाबाद (लखनऊ)। राजधानी के प्रसिद्ध आम क्षेत्र मलिहाबाद में अवैध कटान का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार रहीमाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बांक (ग्राम पंचायत खड़ौहा का मजरा) में एक दर्जन से अधिक आम के पेड़ तथा कई दुधारू कटहल के पेड़ काट डाले गए।सूत्रों के मुताबिक यह पेड़ रमेश पुत्र शिवरतन के बाग में खड़े थे। आरोप है कि पेड़ों को काटने के बाद जेसीबी मशीन से उनके ठूंठ भी खोद दिए गए और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पूरे बाग को ट्रैक्टर से जोत दिया गया, ताकि अवैध कटान के निशान खत्म किए जा सकें।

इस पूरे प्रकरण में लकड़ी माफिया सक्रिय है और वन विभाग के स्थानीय कर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। आरोपों में वन दरोगा ताहिर खां पर सह और साठगांठ का भी जिक्र है। साथ ही (हल्का)क्षेत्र के कुछ पुलिसकर्मियों की भी मिलीभगत सामने आ रही हैं। सूत्रों के हवाले से यह भी बताया जा रहा है कि कटान की गई लकड़ी को मलिहाबाद के नजरनगर के पास स्थित सुरेंद्र की आरा मशीन पर सप्लाई किया गया। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला न केवल अवैध कटान बल्कि संगठित लकड़ी तस्करी से भी जुड़ा हो सकता है।
मलिहाबाद क्षेत्र अपनी आम की बागवानी के लिए देशभर में पहचान रखता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर फलदार पेड़ों की कटाई पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। क्या जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जाएंगे या फिर अवैध लकड़ी का यह कारोबार अधिकारियों की मिलीभगत से यूं ही चलता रहेगा—यह आने वाला समय तय करेगा।

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