प्लॉट दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की ठगी का आरोप
विरोध करने पर जान से मारने की धमकी; कैंट थाने में न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज
लखनऊ, -सचिन बाजपेयी
राजधानी के कैंट थाना क्षेत्र में प्लॉट दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की कथित ठगी और रुपये वापस मांगने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में न्यायालय के आदेश पर थाना कैंट में वर्ष 2026 की एफआईआर संख्या 0015 दर्ज की गई है। पुलिस ने प्रकरण को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 351(3), 352 तथा 316(2) के अंतर्गत पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर 15 फरवरी को सायं 5:21 बजे दर्ज की गई।
शिकायतकर्ता वी आर द्विवेदी, पुत्र राजा राम द्विवेदी, निवासी 15, बदरिया बाजार, दिलकुशा कैंट, लखनऊ ने न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि 10 अगस्त 2015 को उनकी मुलाकात रमेश कुमार पाल नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को रियल एस्टेट कारोबारी बताते हुए उन्नाव क्षेत्र में लगभग 100 बीघा भूमि पर प्लॉटिंग परियोजना संचालित करने का दावा किया। आरोप है कि उसने विभिन्न कंपनियों, जिनमें लाइन जुपिटर मीडिया प्रा. लि., लाइन जुपिटर इंफ्रा प्रा. लि. और लाइन जुपिटर एस्टेट का नाम शामिल बताया, से जुड़ा होने का हवाला देकर शिकायतकर्ता को प्लॉट खरीदने के लिए प्रेरित किया।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, आरोपी के झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने 31 अगस्त 2015 को 50 हजार रुपये दिए तथा वर्ष 2019 में 50 हजार रुपये और दिए। इस प्रकार कुल एक लाख रुपये आरोपी को दिए गए। आरोप है कि धनराशि प्राप्त करने के बावजूद न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई गई और न ही कब्जा सौंपा गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि समय-समय पर संपर्क करने के बावजूद टालमटोल की जाती रही।
आरोप है कि 22 मई 2025 को शाम लगभग साढ़े पांच बजे आरोपी 3-4 अज्ञात व्यक्तियों के साथ कैंट क्षेत्र में शिकायतकर्ता से मिला। जब शिकायतकर्ता ने अपनी धनराशि वापस करने की मांग की तो आरोपियों ने कथित रूप से गाली-गलौज की, हाथापाई का प्रयास किया और गंभीर परिणाम भुगतने तथा जान से मारने की धमकी दी। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक मामले लंबित होने की जानकारी दी गई है।
Read More Haryana: हरियाणा में जेल हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, जेल सुपरिंटेंडेंट और डीएसपी सुरक्षा सस्पेंडदस्तावेजों के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 17 जून 2025 को रजिस्ट्री डाक के माध्यम से थाना प्रभारी कैंट एवं पुलिस आयुक्त को लिखित सूचना भेजी थी, किंतु तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। इसके पश्चात न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेश पर थाना कैंट में उपरोक्त धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।
एफआईआर में रमेश कुमार पाल, निवासी सरस्वती अपार्टमेंट, गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ को नामजद किया गया है, जबकि 3-4 अज्ञात व्यक्तियों को सह-आरोपी के रूप में दर्शाया गया है।

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