बाल श्रम समाप्ति के लिए  बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाना सुनिश्चित करें - डी.एम.

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कानपुर। कानपुर नगर के सरसैयाघाट स्थित नवीन सभागार में जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में जनपद कानपुर नगर को 2026 तक बाल श्रम मुक्त कराने हेतु जिला कार्य योजना को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से एक कार्यशाला का आयोजन श्रम विभाग और एसोसिएशन फॉर वालेंटरी एक्शन द्वारा किया गया।
 
इस अवसर पर जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि बाल श्रम की समाप्ति के लिए आवश्यक है कि सभी बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर ठहराव सुनिश्चित किया जाये साथ ही अन्य विभागों के जो अधिसूचित निरीक्षक हैं उनके स्तर से भी बाल श्रम निरीक्षण व पुनर्वासन की कार्यवाही की जाये साथ ही सभी खण्ड विकास अधिकारियों, तहसीलदारों सहित अधिकारियों द्वारा भी बाल श्रमिक के नियोजन के सम्बन्ध में कार्यवाही की जाये। जिलाधिकारी द्वारा बाल श्रम उन्मूलन एवं पुनर्वासन हेतु गठित जिला टास्क फोर्स की नियमित बैठकें कराये जाने के भी निर्देश दिये गये।  
 
कार्यशाला के आरम्भ में सहायक श्रमायुक्त राम लखन पटेल द्वारा सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यशाला के आयोजन के उद्देश्य के सम्बन्ध में अवगत कराया गया। इस अवसर पर बाल श्रम जनजागरण रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रम विभाग के राज्य समन्वयक सैयद रिजवान अली द्वारा कार्यशाला का विस्तृत विवरण साझा किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जनपदों को बाल श्रम मुक्त तथा चयनित आकांक्षी जनपदों को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त करने का लक्ष्य निर्धारित है।
 
अली द्वारा विशेष रूप से कानपुर नगर को बाल श्रम मुक्त बनाने हेतु सभी संबंधित विभागों के आपसी समन्वय, संयुक्त कार्यवाही एवं एक मंच पर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही समस्त ईंट-भट्टों, में कार्यरत श्रमिकों के पंजीकरण कराए जाने का अनुरोध भी किया गया। आगामी एक वर्ष में जनपद कानपुर नगर को बाल श्रम उन्मूलन हेतु क्या रणनीति अपनायी जानी है इसकी एक रणनीति भी कार्यशाला में तैयार की गयी। 

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