संबंधित खबरें
नवीनतम
फीचर्ड
हरैया तहसील बना भ्रष्टाचार का गढ़, बिना बखरा कोई फाइल नहीं सरकती नहीं मिल पा रहा जनता को न्याय
तहसीलदार कक्ष में अधिवक्ताओं का धावा, जमकर हंगामे से दफ्तर थर्राया महीनों से कोर्ट न लगने पर भड़का गुस्सा, न्याय व्यवस्था पर उठे सवाल नहीं मिल पा रहा जनता को न्याय
बस्ती। योगीराज में बस्ती जिले के सबसे बड़ी तहसील हरैया के अधिकारियों की मनमर्जी, आने-जाने का नहीं तय समय, जिससे जनता बेहाल अधिवक्ता एवं जनता का सब्र जवाब दे गया बार अध्यक्ष उमाकांत तिवारी ने खोला मोर्चा, सीधे कक्ष में पहुंचकर किया सामना।तहसीलदार अभय राज से तीखी बहस, नोकझोंक में गरमाया पूरा माहौल अधिवक्ता एकता जिंदाबाद “तहसीलदार मुर्दाबाद” के नारे से गूंजा परिसर मे माहौल से अफ् रा तफरी मच गई तहसील में अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा सरकारी जमीनों कौड़ियों के भाव में बेच रहे हैं शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई न होती देख जनता आज आ गई है इन अधिकारियों से यहां तक अधिकताओं का सब्र का बांध टूट चुका है कभी भी अनहोनी की घटना घट सकती है।
बस्ती जिले की सबसे बड़ी तहसील हरैयामनमानी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, अधिवक्ताओं ने खोली पोल।
न्यायालय की फाइलों में खेल, कोर्ट में देरी, व्यवस्था पर लगा बड़ा दाग। लेकिन तहसील द्वारा लेखपालों का मनोबल बढ़ाया जा रहा है लेखपाल जनता के से मोटी रकम सुनने का प्रयास कर रहे हैं अगर रकम देने में कोई हिलावली करता है तो उसके कार्य को अपात्र कर दिया जाता है तहसील की सरकारी भूमि को लेखपाल कानून को और नायब तहसीलदार तहसीलदार मिलकर कौड़ियों के भाव में बेच रहे हैं यहां तक खलिहान खाद गड्ढा और देवस्थान की जमीनों को लेखपाल द्वारा कौड़ियों के भाव में बेचा जा रहा है अधिवक्ता एवंजनता तहसीलदार के अड़ियल रवैया के कारण गुस्से में है कभी भी कोई आर पार की लड़ाई हो सकती है जनता दर्शन में बैठने की फुर्सत नहीं यह अधिकारियों जनता की सुनवाई कैसे होगी
तहसील में जनता की सुनवाई ठप, अफसरशाही पर सवालों की बौछार। लंबे समय से शिकायत हो रही लेकिन सरकारी भूमि खाली करने में तहसीलदार अक्षम साबित हो रहे हैं इससे साफ प्रतीत होता है तहसीलदार मामले को स्वयं लंबित रखना चाहते हैं जबकि उनके यहां बाद चल रहा है
तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, प्रशासन में मची हलचल। तहसील में लेखपाल और कानून
को और तहसीलदार नायब तहसीलदार लूट का अड्डा बन चुके हैं तहसील में बिना रुपया दिए कोई कार्य नहीं कर रहे हैं अधिकारी एवं कर्मचारी और जिले के सांसद विधायक प्रतिनिधि इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं कर रहे हैं और जनता के दिए हुए वोटो से विधायक सांसद बनते हैं आज जनता की सुनवाई न होने से निराश होकर तहसील से लौटना पड़ रहा है एस आईआर का बहाना अधिकारी और कर्मचारी लूट रहे हैं खजाना यह कहावत सिद्ध हो रही है सबसे बड़ी तहसील हरैया ऊपजिला अधिकारी जनता दर्शन में नहीं बैठ रहे हैं यही हाल तहसीलदार अभयराज का हैकोई अधिकारी बैठने को राजी नहीं है जनता अपनी समस्या को लेकर सुबह से 10:00 बजे से 1:00 बजे तक तहसील फरिसर में बैठी रहती है लेकिन कोई कर्मचारी मौके पर नहीं रहता है जिससे उनकी शिकायत दे सके और पूर्व में दी गई शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पा रही है

Comments