कड़ाके की सर्दी के बाद अचानक हो गई गर्मी, यह किन लोगों के लिए खतरनाक
ब्यूरो प्रयागराज। उत्तर भारत में इस समय मौसम ने करवट बदली है. राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में कड़ाके की ठंड के बाद अब दिन में धूप निकलने के साथ मौसम में गर्माहट का अनुभव होने लगा है. दोपहर में गर्मी और शाम होते ही ठंडक बढ़ने से तापमान में बार-बार बदलाव देखने को मिल रहा है. दिल्ली में 6 साल बाद 21 जनवरी को जनवरी महीने का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया है. डॉक्टरों का कहना है कि मौसम का यह उतार-चढ़ाव लोगों की सेहत पर असर डाल सकता है।
संजीवनी हॉस्पिटल, दरभंगा के निदेशक डॉक्टर संतोष कुमार बताते हैं कि “मौसम में बदलाव के साथ ही कई तरह की दिक्कतें सामने आने लगती हैं, जैसे वायरल फीवर और फ्लू के मामलों में अचानक बढ़ोतरी. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मौसम बदलने के दौरान हमारी इम्युनिटी प्रभावित होती है और कमजोर हो जाती है. इससे वायरस का हमला तेज हो जाता है. इस दौरान कुछ लोगों को सिरदर्द, थकान, बदन दर्द, बुखार और गले में परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित बच्चे और बुजुर्ग होते हैं. इस सीजन में बैक्टीरिया का खतरा भी ज्यादा रहता है, जिसके चलते कई तरह के इंफेक्शन के मामले बढ़ जाते हैं।”
तापमान में बढ़ोतरी के साथ एलर्जी और सांस से जुड़ी दिक्कतों का खतरा बढ़ने लगता है. ऐसा इसलिए क्योंकि सिर्फ मौसम में बदलाव ही नहीं होता, बल्कि इसके साथ धूल, धुआं और प्रदूषण बढ़ाने वाले तत्व भी हवा में सक्रिय हो जाते हैं, जो इन समस्याओं को ट्रिगर करते हैं. इस दौरान लोगों में सांस लेने में दिक्कत, नाक बहना, लगातार छींक आना, एलर्जिक राइनाइटिस और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
डॉक्टर बताते हैं कि लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करके इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है. इसके लिए- पर्याप्त पानी पिएं और गले में परेशानी हो तो गुनगुने तरल लें, ताजा और पौष्टिक भोजन करें, कपड़ों की लेयरिंग करें ताकि तापमान के अनुसार खुद को ढाल सकें,पसीना आने के बाद ठंडी हवा के सीधे संपर्क से बचें,बुखार या खांसी कुछ दिनों में ठीक न हो तो डॉक्टर से सलाह लें डॉक्टरों का कहना है कि इन छोटी-छोटी सावधानियों से बदलते मौसम में बीमारियों से बचा जा सकता है और इम्युनिटी मजबूत रखी जा सकती है।
दया शंकर त्रिपाठी

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