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सड़क दुर्घटनाओं की डिजिटल निगरानी से बढ़ेगी पारदर्शिता
पिपरा बाजार चौकी प्रभारी शशांक मौर्या से खास बातचीत
गोंडा। सड़क दुर्घटनाओं की सटीक जानकारी, त्वरित जांच और पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के उद्देश्य से लागू की गई iRAD (Integrated Road Accident Database) प्रणाली को लेकर पुलिस विभाग गंभीरता से कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरा बाजार चौकी प्रभारी शशांक मौर्या ने बातचीत के दौरान iRAD और eDAR प्रणाली की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
चौकी प्रभारी शशांक मौर्या ने बताया कि iRAD एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था है, जिसके माध्यम से सड़क दुर्घटना से जुड़ी हर जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जाती है। उन्होंने कहा कि पहले दुर्घटनाओं की रिपोर्टिंग और दस्तावेजी प्रक्रिया में काफी समय लगता था, लेकिन अब eDAR प्रणाली से यह कार्य तेज़, पारदर्शी और सटीक हो गया है।
उन्होंने बताया कि किसी भी सड़क हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच करती है और eDAR पोर्टल पर दुर्घटना की पूरी जानकारी अपलोड की जाती है। इसमें वाहन विवरण, चालक की स्थिति, घायलों की संख्या, अस्पताल में भर्ती की जानकारी और घटनास्थल का विवरण शामिल होता है।चौकी प्रभारी ने कहा कि आईआरएडी सिस्टम से अस्पताल, परिवहन विभाग और बीमा कंपनियां भी जुड़ी हैं। इससे घायलों के इलाज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बीमा मुआवजा प्रक्रिया में तेजी आती है। आम लोगों को अनावश्यक भटकना नहीं पड़ता।
Ma ने बताया कि आई आरएडी के आंकड़ों के विश्लेषण से दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान की जा रही है। ऐसे स्थानों पर गश्त बढ़ाई जा रही है और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि हेलमेट, सीट बेल्ट का प्रयोग करें और तेज रफ्तार से बचें। उन्होंने ने अंत में कहा कि iRAD और eDAR प्रणाली से न्यायालयों में मामलों के निस्तारण में भी सुविधा हो रही है। डिजिटल रिपोर्ट होने से साक्ष्य मजबूत होते हैं और पीड़ित परिवार को समय पर राहत मिलती है।

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