मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिया नोटिस की सुनवाई में व्यक्तिगत पेशी से छूट
मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगिन करके भी नोटिस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और ऑनलाइन नोटिस का जबाब दिये जाने की सुविधा
अजित सिंह / राजेश तिवारी ( ब्यूरो रिपोर्ट)
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत आलेख्य मतदाता सूची के प्रकाशन के उपरान्त गणना चरण की अवधि में जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र में दिये गये विवरण के अनुसार उनकी मैपिंग विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पायी थी, उन मतदाताओं को क्रमबद्ध रूप से नोटिस जारी किए जाने की कार्यवाही प्रारम्भ हो चुकी है।
प्रदेश भर में समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा विहित प्रक्रिया के अनुसार निर्गत नोटिसों पर सुनवाई की जा रही है।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के उद्देश्य "कोई मतदाता न छूटे" के अनुरूप एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के नियम-18 के अंतर्गत पुनरीक्षण प्रक्रिया को सरल, सुलभ और समावेशी बनाने तथा मतदाताओं को होने वाली असुविधा को कम करने हेतु सुनवाई प्रक्रिया में उन मतदाताओं को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दी जा रही है, जो किसी कारणवश सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते।
ऐसे मतदाता द्वारा अपनी ओर से किसी व्यक्ति को सुनवाई हेतु उपस्थित होने के लिए लिखित रूप में हस्ताक्षर कर अथवा अंगूठे का निशान लगाकर इस आशय हेतु अधिकृत करना होगा कि अमुक व्यक्ति द्वारा सुनवाई में मतदाता का प्रतिनिधित्व किया जायेगा।उन्होंने बताया कि मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट voters.eci.gov.in पर लॉगिन करके भी नोटिस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और ऑनलाइन ही नोटिस का जवाब दिए जाने की भी सुविधा दी गई है। इसके अलावा मतदाताओं को बीएलओ द्वारा भी नोटिस उपलब्ध कराया जा रहा है।
ऑनलाइन माध्यम से वेबसाइट पर लॉगिन करके SIR 2026 के अंदर सबमिट डॉक्युमेंट्स अगेंस्ट नोटिस इशू (Submit documents against notice issue) पर क्लिक करने से एक बॉक्स खुलेगा जिसमें वोटर आईडी नंबर टाइप करने पर पता चल जाएगा कि नोटिस जारी हुआ है अथवा नहीं। यदि नोटिस जारी हुआ है, तो नया पेज खुलेगा जहां मतदाता को ईपिक संख्या या नोटिस संख्या भरनी होगी और निर्धारित अभिलेखों को अपलोड करना होगा।
उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं का जन्म 01 जुलाई, 1987 से पूर्व हुआ है, उन्हें केवल स्वयं से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करना होगा। जिन मतदाताओं का जन्म 01 जुलाई, 1987 के बाद और 02 दिसंबर, 2004 के मध्य हुआ है, उन्हें स्वयं का तथा अपने पिता या माता में से किसी एक के अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। यदि मतदाता का जन्म 02 दिसंबर 2004 के बाद हुआ है, तो उसे स्वयं के साथ-साथ अपने माता और पिता दोनों के ही अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे।
उन्होंने बताया कि नोटिस के जवाब में मतदाता को स्वयं अथवा अपने प्रतिनिधि के माध्यम से अपना/पिता/माता की जन्मतिथि और/अथवा जन्म स्थान के प्रमाण के रूप में निम्नलिखित 13 अभिलेखों में से कोई एक अभिलेख उपलब्ध कराना होगा-
1. किसी भी केंद्र सरकार/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी / पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश।
2. 01.07.1987 से पहले सरकार/स्थानीय प्राधिकरणों/बैंकों/डाकघर/एलआईसी/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा भारत में जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र / अभिलेख ।
3. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
4. भारतीय पासपोर्ट
5. मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण पत्र
6. सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र
7. वन अधिकार प्रमाण पत्र
8. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र
9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ भी हो)
10. राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर।
11. सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र।
12. आधार के लिए, आयोग के पत्र संख्या 23/2025-ईआरएस/खंड ।। दिनांक 09.09.2025 (अनुलग्नक II) द्वारा जारी निर्देश लागू होंगे।
13. बिहार एसआईआर की मतदाता सूची का अंश, 01.07.2025 की संदर्भतिथि के अनुसार।
