मैं ठीक हूं, आप टेंशन मत लेना… ईरान में पढ़ रही भारतीय छात्रा का परिवार को संदेश, वीडियो में बताई जमीनी हकीकत
नई दिल्ली। ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों और इंटरनेट शटडाउन के बीच वहां पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई है। इसी बीच ईरान में मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक कश्मीरी छात्रा का वीडियो संदेश सामने आया है, जिसमें वह अपने परिवार को आश्वस्त करते हुए कहती है— “मैं ठीक हूं, आप लोग ज्यादा टेंशन मत लेना।”
हिंसक प्रदर्शनों से बिगड़े हालात
ईरान बीते दो हफ्तों से हिंसक प्रदर्शनों की चपेट में है। हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 2,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है। इंटरनेट सेवाएं बंद होने से वहां रह रहे भारतीय छात्रों और उनके परिवारों के बीच संपर्क लगभग टूट गया है।
परिजनों में चिंता, सरकार से अपील
खासतौर पर जम्मू-कश्मीर के अभिभावकों में बेचैनी का माहौल है, क्योंकि बड़ी संख्या में छात्र ईरान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। श्रीनगर में परिजनों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इंटरनेट बंद होने के कारण वे न तो बच्चों से बात कर पा रहे हैं और न ही उन्हें पैसे भेज पा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से छात्रों की सुरक्षित वापसी की मांग की है।

छात्र सुरक्षित, लेकिन संपर्क बड़ी चुनौती
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) और FAIMA डॉक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद मोमिन ने बताया कि इंटरनेट बंद होने के बावजूद कई छात्रों ने वैकल्पिक तरीकों से संपर्क किया है। कुछ छात्र सुरक्षा कारणों से इराक सीमा के पास चले गए थे और वहां से टेक्स्ट मैसेज के जरिए उन्होंने अपनी सुरक्षा की जानकारी दी।
ईरान में करीब 3,000 भारतीय छात्र
डॉ. मोमिन के अनुसार, इस समय ईरान में करीब 3,000 भारतीय छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें से 2,000 से ज्यादा एमबीबीएस और बीडीएस जैसे मेडिकल कोर्स में हैं। इनमें लगभग 1,800 छात्र जम्मू-कश्मीर से हैं। उन्होंने कहा कि वह लगातार छात्रों के संपर्क में हैं और स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
भारतीय दूतावास की एडवाइजरी
भारतीय दूतावास ने छात्रों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें हॉस्टल में रहने, इंडोर गतिविधियों तक सीमित रहने और बिना जरूरत बाहर न निकलने की सलाह दी है। दूतावास ने कहा है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है और छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
24 जनवरी तक कक्षाएं और परीक्षाएं सस्पेंड
मौजूदा हालात को देखते हुए ईरान में 24 जनवरी तक कक्षाएं और परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। हालांकि इंटरनेट बंद होने से पढ़ाई और परिवार से संपर्क दोनों ही प्रभावित हो रहे हैं। डॉ. मोमिन ने बताया कि अभिभावकों के लिए एक अलग व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें करीब 1,800 माता-पिता जुड़े हैं, ताकि उन्हें सही जानकारी दी जा सके और अफवाहों से बचाया जा सके।
ईरान से सामने आया छात्रा का यह संदेश फिलहाल परिजनों के लिए राहत जरूर है, लेकिन हालात सामान्य होने और सुरक्षित वापसी को लेकर चिंता अभी भी बरकरार है।


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