UP पुलिस पेपर लीक केस: ED का बड़ा एक्शन
मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा समेत 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2023 के पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 के तहत मास्टरमाइंड राजीव नयन मिश्रा समेत 18 आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट 14 जनवरी 2026 को लखनऊ स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत (CBI कोर्ट) में पेश की गई।
करोड़ों की अवैध कमाई और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2023 और यूपी आरओ/एआरओ परीक्षा-2023 के प्रश्नपत्र लीक कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की। इस रकम को विभिन्न बैंक खातों, बिचौलियों और अन्य माध्यमों से घुमाकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। जांच एजेंसी ने कई बैंक खातों, संपत्तियों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन पड़ताल की है।
फरवरी 2024 में हुई थीं परीक्षाएं
एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने साजिश के तहत दोनों परीक्षाओं के प्रश्नपत्र पहले ही लीक कर दिए थे। उम्मीदवारों को पैसे लेकर प्रश्नपत्र और उनके उत्तर उपलब्ध कराए गए, जिन्हें उन्होंने परीक्षा से पहले याद किया। ये परीक्षाएं फरवरी 2024 में आयोजित हुई थीं।
1.02 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरओ/एआरओ परीक्षा के पेपर लीक से अर्जित धन का उपयोग कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने में किया गया। ईडी ने करीब 1.02 करोड़ रुपये की संपत्तियों को ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ के रूप में चिन्हित कर 6 अगस्त 2024 को अस्थायी रूप से अटैच किया था। बाद में दिल्ली स्थित पीएमएलए की निर्णायक प्राधिकरण ने इस अटैचमेंट की पुष्टि कर दी।
आगे भी जारी रहेगी जांच
मामले में दो आरोपी—रवि अत्री और सुभाष प्रकाश—को 18 नवंबर 2024 को ईडी की हिरासत में लिया गया था। इससे पहले 10 जनवरी 2025 को सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जिस पर अदालत ने संज्ञान ले लिया है और मामला फिलहाल विचाराधीन है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।


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