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पंचायत भवन निमार्ण कार्य अधूरा जांच की मांग
सिद्धार्थनगर। प्रदेश सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना ग्रामीण सचिवालय (पंचायत भवन योजना ) अन्तर्गत लगभग पांच साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जिम्मेदारों के उदासीनता के कारण अभी तमाम ऐसे पंचायत भवन हैं जो आधे अधूरे पड़े हुए हैं। और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदकर बैठे हुए हैं। बताते चलें कि विकास खंड बांसी के ग्राम विशुनपुर में निर्माणाधीन पंचायत भवन पांच वर्ष पूरा होने को है जबकि पंचायत भवन का बाहर से देखने में पूरा तो जरूर लगता है लेकिन वास्तविक स्थिति वहां जाकर देखें तो न तो दरवाजे और खिडकियों में फाटक लगे हुए हैं।
और न ही अंदर किचन, शौचालय के कमरों में मिट्टी ही पडी हुई है। कमरों में गंदगी, बरामदा में गाय का नाद रख कर बांधी जाती है। भवन के अंदर फर्श बनने की बात ही अलग है मिट्टी बराबर भी नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति मे ग्राम पंचायत के लिए क्रय किया गया कम्प्यूटर कैसे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं । ऐसी स्थिति मे कम्प्यूटर या तो ग्राम प्रधान के घर की शोभा बढा रहे होंगे अथवा पंचायत सचिव के बैग मे धूल फांक रहे होंगे। ग्राम पंचायत सदस्य सिद्धेश्वर पांडेय ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेज कर पंचायत भवन के अधूरा निर्माण और मानक विहीन कार्य कराए जाने की जांच की मांग की हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबन्ध में जिला विकास अधिकारी सतीश सिंह का कहना है कि पंचायत भवन के अधूरे निमार्ण कार्य की जांच कराई जाएगी और किस कारण से अबतक निमार्ण कार्य पूरा नहीं कराया गया है। यदि निमार्ण कार्य के संपूर्ण धन की निकासी हो गई होगी और जांच के दौरान पंचायत भवन अधूरा पाया गया तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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