स्वतंत्र प्रभात की खबर का हुआ बड़ा असर UPMSCL में बड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार के आरोप में GM उज्जवल कुमार बर्खास्त

मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड  (UPMSCL) में बड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार के आरोप में GM उज्जवल कुमार बर्खास्त

Swatantra Prabhat Picture
Published On

 

इतने सालों से किसके वरदहस्त से घोटाले कर रहा था बिहार मेडिकल कॉरपोरेशन से बर्खास्त UPMSCL का महा प्रबंधक उज्ज्वल कुमार द्वारा फाइनल किए गए सारे टेंडर की जांच की जानी चाहिए

 

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPMSCL) में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते मेडिकल इक्विपमेंट प्रोक्योरमेंट के महाप्रबंधक (GM) उज्जवल कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। उन पर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक (MD) उज्जवल कुमार (IAS) के समान नाम का फायदा उठाकर टेंडर प्रक्रियाओं में अनियमितताएं करने और वेंडरों को परेशान करने के आरोप थे।

मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन लिमिटेड  (UPMSCL) में बड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार के आरोप में GM उज्जवल कुमार बर्खास्त

न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम घोषित, ईशान किशन बने उप-कप्तान Read More न्यूजीलैंड दौरे के लिए भारतीय टीम घोषित, ईशान किशन बने उप-कप्तान

सूत्रों के मुताबिक, विभाग में अक्सर लोग GM और MD के पदनाम तथा नाम समान होने के कारण भ्रमित हो जाते थे। इसी स्थिति का लाभ उठाकर GM उज्जवल कुमार ने कई टेंडरों को प्रभावित करने, आर्थिक लेन-देन में अनियमितता और भ्रष्टाचार जैसी गतिविधियों को अंजाम दिया।

नवाबगंज बरखेड़ा मार्ग पर टुकटुक बाइक भिंड में तीन घायल एक की हालत गंभीर जिला अस्पताल भेजा Read More नवाबगंज बरखेड़ा मार्ग पर टुकटुक बाइक भिंड में तीन घायल एक की हालत गंभीर जिला अस्पताल भेजा

इन शिकायतों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) रहे पार्थ सारथी सेन शर्मा तक भी पहुंच चुकी थी। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर मामले की जांच शुरू की गई जिसके बाद UPMSCL के MD ने कड़ी कार्रवाई करते हुए GM की सेवाएं समाप्त कर दीं।

पाकिस्तान, तुर्की, कतर और इंडोनेशिया के बीच ‘बद्र समझौता’, मक्का पैक्ट से कितना अलग है यह रक्षा करार? Read More पाकिस्तान, तुर्की, कतर और इंडोनेशिया के बीच ‘बद्र समझौता’, मक्का पैक्ट से कितना अलग है यह रक्षा करार?

वेंडर भी थे परेशान 

GM उज्जवल कुमार के खिलाफ यह भी आरोप था कि वह वेंडरों को अनावश्यक रूप से परेशान करते थे, फाइलों में देरी और काम में अड़ंगा डालकर लाभ के लिए दबाव बनाते थे। वेंडरों की शिकायतों ने ही इस प्रकरण को तेजी से सामने लाया। माना जा रहा है कि GM के खिलाफ आगे और भी विभागीय जांच की कार्रवाई की जा सकती है तथा अन्य कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आएगी।

 

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें