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निराश्रित गोवंश के आतंक से ग्राम सभा चककोटार के किसान बेहाल
सचिव के फर्जी रिपोर्ट लगाने से ग्रामीणों में आक्रोश
हलिया। हलिया विकास खण्ड के ग्राम पंचायत पुरवा औसान सिंह के सैकड़ों किसान आए दिन आवारा पशुओं से पीड़ित होकर पशु आश्रय स्थल निर्माण हेतु उपजिलाधिकारी लालगंज से किए एवम् मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करते हुए मांग की थी जिसकी जांच तत्कालीन ग्राम सचिव प्रज्ञान शुक्ला द्वारा करते हुए फर्जी और झूठी रिपोर्ट बनाते हुए बताया गया कि गांव में एक भी छुट्टा पशु नही है, और खंड विकास अधिकारी हलिया ने भी बिना सोचे समझे आंख बंद करके पुष्टि कर दी जिसकी रिपोर्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और स्थानीय समस्त किसान अक्रोशित हो उठे एवं उन्हें यह यहसास हुआ।
कि इस बारिश में हम बिजली कड़कड़ाती हुई रात में अपने फसल की सुरक्षा हेतु खेतो में रात बिताने के लिए मजबूर है और प्रकृति के तो सताए ही है अब उत्तर प्रदेश सरकार चरम रूप में सता रही है भारत कृषि प्रधान देश होने के बावजूद भी भारत के किसान सबसे ज्यादा पीड़ित है आए दिन सुखा, बाढ़ जैसे प्राकृतिक अपदाओ से पीड़ित होकर आत्महत्या करने को मजबूर रहता है , और बात किसान कि हो तो कुछ सरकारी अधिकारी भीं उन्हें आत्महत्या करने हेतु मजबूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ते एवम् उत्तर प्रदेश सरकार को बुरा भला कहने लगे।
इस मामले में जिला अध्यक्ष भाजपा मीरजापुर बृज भूषण सिंह से मुलाकात कर वार्ता की गई उनके माध्यम से यू पी सरकार को किसानों द्वारा आगाह किया गया तत्पश्चात बीडीओ हलिया, उपजिलाधिकारी लालगंज एवं जिलाधिकारी मीरजापुर से संपर्क कर ग्राम विकास अधिकारी को मौके पे बुलाया गया और उन्हे आवारा पशु दिखाए गए कुछ किसानों ने तंज कसते हुए ग्राम विकास अधिकारी से कहा कि शायद आपकी दिन की नजर कमजोर है इसलिए शाम को समय में बुलाया गया है और सैकड़ों निराश्रित गोवंश दिखाए गए। जबकि इस संदर्भ ग्राम प्रधान द्वारा भी निराश्रित गोवंश हेतु फरवरी में 2024 में अस्थाई बाड़ा निर्माण का मांग किया गया था ।
स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि अधिकारियों का ऐसा रवैया रहा और हमारी फसले मवेशी चरतए रहे और सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो हम बेमौत मर जायेगे किसानों ने प्रशासन और सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों पर अंकुश लगाए एवम् ग्राम पंचायत में गौशाला निर्माण कराए जिससे हमारी फसल नष्ट होने से बच सके मौके पर तुलसीदास मौर्य, रामेश्वर शुक्ल, राजेश कोल, विकास कोल, अशोक मौर्य, तेजबली मौर्य, अनिल मौर्य, राजेंद्र मौर्य, नारायण शुक्ला, भागीरथी शुक्ला, रामनरेश कोल, राममुरत मौर्य एवं अन्य दर्जनों किसान उपस्थित रहे। इस संबंध में जब सचिव प्रज्ञान शुक्ला से बात किया गया तो सचिव ने बताया कि एक दिन हमने निरीक्षण किया तो हमें पशु नहीं मिले अब किसानों ने हमें पशु दिखाया है अब हम सक्षम अधिकारियों से पशुओं के बारे में जानकारी देंगे।

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