मानवता
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वसुधैव कुटुम्बकम भारत की वैश्विक धारणा और भावना
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By Swatantra Prabhat UP
भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन केवल अपने परिवार या राष्ट्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने संपूर्ण मानवता को एक परिवार मानने की उदात्त दृष्टि प्रदान की है। उपनिषदों का प्रसिद्ध वाक्य "वसुधैव कुटुम्बकम्" केवल एक आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि...
इंसानियत सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होती.. इस की मिसाल है पहल 'दाना-पानी'।
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By Abhinav Shukla
स्वतंत्र प्रभात। ब्यूरो प्रयागराज। गर्मी जब अपने चरम पर होती है, तो इंसान छाँव ढूँढ लेता है, कहीं बाहर होने पर या न मिलने पर पानी खरीद कर पी लेता है, कुल मिलाकर प्यास बुझाने के हजार रास्ते तलाश लेता...
ओबरा में दयालु ने बचाई एक बच्ची की जिंदगी ,भीख मांगने को मजबूर शिवानी को नई जिंदगी की आश
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By राजेश तिवारी
भीख देने से पहले जरूर पूछ ताछ करें ताकि उनकी सही समय पर मदद हो सके - आनंद पटेल दयालु
रेणुकूट में मानवता की मिसाल डब्लू सिंह ने बचाई घायल नंदी बाबा की जान
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By राजेश तिवारी
रेनूकूट में मानवता का मिशाल

