इलाज के लिए दर-दर भटक रहा किसान, अर्धनग्न होकर  में धरने पर बैठा तहसील में 

गन्ना भुगतान न मिलने से परेशान किसान की चेतावनी — “पेमेंट नहीं मिला तो तहसील में आत्मदाह करूंगा अपनी फसल का मूल्य लेने के लिए तपती धूप में पड़ रहा बैठना

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बरेली/नवाबगंज। ओसवाल चीनी मिल से गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर क्षेत्र के किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। चौबीस हजार से अधिक किसानों के भुगतान का मुद्दा लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। कई बार धरना-प्रदर्शन और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद किसानों की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। 
 
इसी से नाराज होकर मंगलवार को नवाबगंज तहसील परिसर में एक किसान अर्धनग्न होकर धरने पर बैठ गया। क्षेत्र के गांव लाडपुर गौटिया निवासी किसान खेमकरण गंगवार पंडा ने आरोप लगाया कि वह लंबे समय से बीमार चल रहे हैं और इलाज के लिए अपने गन्ने के भुगतान की मांग कर रहे हैं। किसान का कहना है कि एसडीएम उदित पवार, गन्ना समिति सचिव मेघा चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारियों ने भुगतान कराने की सहमति दे दी है, लेकिन गन्ना समिति चेयरमैन निर्भय गंगवार फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं।
 
धरने पर बैठे किसान ने कहा कि उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है और इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। इसके बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा। किसान ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “क्या गन्ना चेयरमैन अधिकारियों से भी बड़े हैं, जो बीमारी देखने के बाद भी फाइल पर साइन नहीं कर रहे।
 
किसान ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वह तहसील परिसर में पेट्रोल डालकर आत्मदाह कर लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी गन्ना समिति चेयरमैन की होगी। किसान की इस चेतावनी के बाद तहसील परिसर में हड़कंप मच गया।
 
वहीं, इस मामले में गन्ना समिति चेयरमैन निर्भय गंगवार ने बताया कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसके बावजूद किसान की एक पर्ची का भुगतान करा दिया गया है। दूसरी पर्ची का भुगतान नियमानुसार और न्यायसंगत पाए जाने पर करा दिया जाएगा।गन्ना समिति सचिव मेघा चतुर्वेदी ने कहा कि कमेटी की ओर से फाइल पर हस्ताक्षर होते ही भुगतान जारी कर दिया जाएगा।एसडीएम उदित पवार ने बताया मामला गन्ना समिति का है परंतु किसान तहसील प्रधान आते रहे हैं धरना देने वाले व्यक्ति का भुगतान करायाज चुका है
 
सचिन गन्ना समिति 
मेघा चतुर्वेदीने बताया धरना दे रहे ग्रामीण के खाते काभुगतान समिति द्वारा पत्नी ब बेटे के इलाज का भुगतान चाहते हैं इसके लिए कौनसे बेटे के नाम के कागजमागे गए परंतु गन्ना समिति अध्यक्षके होना अनिवार्य है उनका स्वस्थ्य ठीक ना होनेके करण मैं तहसील नहीं जा सकते परंतु किसान समिति में नहीं आ रहे हैं जिससे उनके अभिलेख पर हस्ताक्षर किए जा सके।

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