वेरोजगार है सिस्टम से हारकर लाचार है युवा है वह काकरोच है

लेकिन क्या जनता को जानने का हक नहीं कि सत्ता में बैठे लोग की डिग्री असली है या नकली

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प्रयागराज। देश के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट में बैठकर एक सख्त लहजे में देश के युवाओं को कि जो बेरोजगार हैं आसली है हारा हुआ है वह काकरोच है। मी लार्ड का यह शब्द स्वागत योग्य है  कि उन्होंने ने सिस्टम से हारकर लाचार होकर घर में बैठ गये देश के पैतालीस करोड़ युवाओ को जगा दिया। और   नकली डिग्री के साथ  वकील बने  ककारोचो का जमीर जाग गया है । वह कह रहे थे कि इनकी डिग्री असली है या नकलीकी जांच होगी। जांच करालेसच जनता जाने की देश में वकील कितने नकली डिग्री धारी हैं ।परन्तु वह भूल गये की देश के क ई नेताओं की डिग्री न दिखाने पर कुण्डली मार कर स्वयं कोर्ट बैठा है।
 
तो पी एम केयर पर कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले की याचिका खारिज कर दिया जाता है।और उस पर भी ग़लत टिप्पणी कर दिया। जो भारतीय  न्याय पद्धति पर सवाल खड़ा करता है।  क्या जनता को अधिकार नहीं कि वह पी एम केयर फंड का पैसा कहां खर्च हुआ है किस काम में देश में लगा है।  जान सके। ।किसी मंत्री नेता की शैक्षिक योग्यता की डिग्री सही है या ग़लत आम जनता को क्या जानने का अधिकार नहीं है क्यों न्यायलय सब कुछ छिपा रहा है।
 
मुख्य न्यायाधीश का काकरोच का शब्द अभिजीत दीपके  को चूम गया वह सिस्टम के बारे सोचने लगा कि सिसृटम के कारण ही तो युवा बेरोजगार आलसी बना हुआ है अगर सिस्टम ठीक होता तो आज बेरोजगारी इतनी नहीं होती जितना है।  पर सिस्टम ही युवाओं को गाली दे रहा है।उसी सिस्टम  के विरोध  में सम्भाजी नगर का युवा जो अमेरिका में शिक्षा ग्रहण कर रहा है।  वह सोशल मिडिया पर कुछ लोगों से बात करके राय लिया क्या हम काकरोच जनता पार्टी बनाये  तो साथ देंगे। सहमति मिलते ही वह सोशल मिडिया पर काकरोच जनता पार्टी बनाया और देखते ही देखते उसके चाहने वालो की संख्या इतनी बड़ी हो गई की विश्व की सबसे बड़ी पार्टी को पीछे छोड़ दिया है। 
 
सोशल मिडिया पर  आज तक छ करोड़ काकरोच शिक्षामंत्री से इस्तीफा मांग रहे हैं।  काकरोच जनता पार्टी में हर तरह का युवा और नेता उसके फालोवर बन गये है । पांच दिनों में बीस मिलियन लोग जुड़ गये हर तरफ मैं भी काकरोच हूं मुखौटा लगायें युवा सोशल मिडिया पर आरहे है। और सरकार डर कर काकरोच जनता पार्टी के सोशल मिडिया  एकाउंट को बैन करा दिया । वह भारत में नहीं देखा जा रहा है । जैसा कि सरकार की आलोचना करने वाले बहुत से यूट्यूवर का एकाउंट बन्द करा दिया जाता  साल में दो बार फोर पी एम को सरकार बैन कर चुकी है फिर न्यायालय से लड़कर खुलता है।ऐसे बहुत से उदाहरण है। 
 
 सरकार डर कर  युवाओं महिलाओं के सोशल मिडिया को बन्द करवा देती है । वह विरोध के हर आवाज को बन्द करवाकर अपने को जनता में यह दिखाने में लगी है कि  हमारी नितियों का देश में विदेश में कहीं विरोध नही होता है।जनता में युवाओमे एक डर का भय  पैदा किया जाता है कि आप भारत के नागरिक हैं परन्तु विरोध के लिए भारत किसी नागरिक को जगह नही  है। सत्ता के विरोध को देश का विरोध कहा जाने लगा‌  और विरोध करने वाली जनता डर कर मौन होने लगी।  आज कहीं विरोध का कोई स्वर उठा तो वह जेल में डाल कर डराया जा रहा है।सोनम वांगचुक को तो सभी जानते हैं ।बिना अपराध के जेल में सत्तर दिन तक रहे।
 
काकरोच जनता पार्टी को बैन किया तो वह दूसरे आई डी काकरोच बैक नाम से नया एकाउंट बन गया और फिर एक लाख से अधिक लोग उसके फालोवर बन गये है।कितनी बार बैन करेगी सरकार किस किस काकरोच के एकाउंट को बैन करेगी।काकरोच जनता पार्टी ने अपने चाहने वालों से कहा की नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफा मांगने की मुहिम शुरू कर दें और यह देश का हर युवा सोशल मिडिया पर मांग करने लगा।भारत के रक्षा मंत्री का शब्द याद  आता वह कहते हैं यह सरकार  यू पी ए की नही है। 
 
जहां किसी घटना पर मंत्री इस्तीफ़ा दे देता था । यह भाजपा की सरकार है यहां पर कितनी भी दूर्घटना हो जाये कितने नागरिक मर जाये रेल दूर्घटना में आतंकी  घटना में हवाई जहाज की  दूर्घटना  हो।परन्तु मंत्री इस्तीफ़ा नहीं देता यही फर्क है भाजपा और यूं पी ए सरकार में ।यूपीए में जिम्मेदारी होती थी भाजपा में जिम्मेदार कोई मंत्री नहीं होता है ।तभी तो चार बार नीट का पेपर लीक हुआ बहुत से छात्रों ने आत्म हत्या कर लिया।
 
  अभीजो नीट २०२६का पेपर लीक हुआ इसमें सत्तरह से ज्यादा छात्रों ने आत्म हत्या कर लिया पर सरकार मौन मंत्री जी चैन में है।  और भाजपा समर्थक कह रहे हैं पेपर लीक नहीं हुआ अब इससे बड़ा बेशर्म कौन कि सच्चाई को नकार दिया।इसी सच्चाई को उजागर करने लिए ककारोच बैक के साथ फिर काकरोच जनता पार्टी सोशल मिडिया पर आ ग ई और इस्तीफा मांगने लगे युवा।
 
काकरोच जनता पार्टी को मजाक में लिया जा रहा है काकरोचो का यह कहना है कि हम एक बेहतर भविष्य की मांग कर रहे क्या यह मांग करना देश में गलत है वास्तव में यह एक मजाक में बना कामेडी है पर सरकार कामेडी से भी डर रही है कोई कामेडियन  कामेडी नहीं करें सरकार के किसी बात की।क ई कामेडियन अब डर कर कामेडी करना छोड़ दिया है।परन्तु आज  काकरोच जनता पार्टी सत्ता के लिए भयायनक खतरा पैदा कर रहा है।  तभी तो एकाउंट बन्द हुआ। भारत में सत्ता और सिस्टम से नाराज़ युवाओं की आवाज है। काकरोच ।इन युवाओं को विपक्ष से भी कोई विशेष उम्मीद नहीं बची है तभी तो यह सब आज ककारोच जनता पार्टी के साथ है।
 
काकरोच जनता पार्टी को कांग्रेस के नेता शशीधरूर ने भी समर्थन दिया तो शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने भी साथ खड़ी होगई  है। योगेन्द्र यादव भी है  भारत में एक बिमारी पत्रकारों को भी है  जो अभी से काकरोच पार्टी के भविष्य पर चर्चा शुरू कर दिया है । यह कहावत भी तो है कि बच्चा पेट में  है तभी से उसकी भविष्यवाणी करने लगते हैं राजा होगा विधायक होगा बहुत बड़ा व्यापारी होगा न जान क्या-क्या। उसी तरह से काकरोच जनता पार्टी सड़क पर नहीं है अभी सौशल मिडिया पर है ।पत्रकार भविष्य बताने लग गये है।
 
इसका भविष्य जब यह सड़क पर आकर सब काकरोच सिस्टम से लड़ेंगे और जनता कितना साथ देती है सरकार से टकराव करके कहा तक जाते हैं।  यह देखना होगा।सभी विपक्ष के नेता ककारोच जनता पार्टी का समर्थन कर रहे हैं।जैसा आम आदमी को रातों रात जनता ने नेता बनाया था कि केजरी वाल सिस्टम में लगे घून को समाप्त कर देगा परन्तु केजरी वाल सिस्टम में स्वयं घून बन कर रह गये ।क्या जो काकरोच जनता पार्टी सिस्टम में बदलाव की बात कर रही है कि हम सिस्टम के कारण काकरोच बने हैं।   सरकार ने हमें आलसी बनाया हमको बेरोजगार बनाया है ।
 
हम नाली और गन्दे सिस्टम  के कारण  काकरोच है ।उन युवाओं का यह कहना सही है भारत के सिस्टम में समय से कुछ नहीं मुकदमा में तारीख मिलता है थाने पर लाठी मिलता है किसी काम के लिए सरकारी कार्यालय में घूस मांगा जाता है या भगा दिया जाता है।  परीक्षा देर से पेपर लीक नौकरी का हो जाता है। सालों बाद पद  नहीं भरे जाते हैं सिस्टम ने ही युवा ककारोच पैदा कर दिया है ।जो हर जगह मिल रहे हैं। पहले काकरोच रसोई नाली सीवर में थे। अब तो यह हर जगह मिल रहे हैं। यही काकरोच एक दिन जरूर सिस्टम से लड़कर बदलाव लायेंगे परन्तु काकरोच के लोग सिस्टम में खूद घून न बन जाये यह कहना अभी दूर की बात है।  काकरोच पहले सड़क पर आये ।
 
आज यमुनानदी  की गन्दगी को‌ लेकर  एक युवा काकरोच बन कर नगर निगम कार्यालय में घूस गया।  अब काकरोच को झूण्ड में हर सरकारी दफ्तरों में घुसना होगा तभी कुछ होगा सड़क पर  काकरोच दिखना चलता नजर आना चाहिए । सोशल मिडिया से बाहर आना होगा।जब समाज भाषा में हार जाता है तब वह तर्क नहीं करके गाली देना शुरू कर देता लोकतंत्र में गाली कंकर पत्थर की तरह होकर इधर उधर बिखरे हुए हैं हर कोई उसी ककर पत्थर का प्रयोग विरोधी पर कर रहा  है। युवाओं किसानों जनता में आक्रोश है पर कोई गाली नहीं दे रहा नहीं गाली की भाषा बोल रहा  है
 
काकरोच युवाओं ने गाली की भाषा का प्रयोग नहीं किया है परन्तु अब उनको कुछ गाली देने वाले सोशल मिडिया पर आये है।काकरोच जनता पार्टी अभी कामेडी समझे जमीन पर जब आये काम करें तब देखें काकरोच क्या परिवर्तन लायेगा सिस्टम में।काकरोचयुवाक्षक्या सिस्टम से लड़ेंगे या फिर बस सोशल मिडिया तक रह जायेंगे यह समय बतायेगा धैर्य से इन्तजार करना होगा।परिवर्तन समय लेता है धैर्य की परीक्षा लेता है।काकरोच जनता पार्टी को अभी इन्तिहान देना है जनता में जनता पास करेगी या फेल प्रश्न पत्र बनेगा ।

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