ऑनलाइन उपस्थिति के विरोध में सौंपा ज्ञापन
कई मामलों में महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त अवशेष, सीसीएल, मेडिकल भुगतान, चयन वेतनमान तथा मानव सम्पदा पोर्टल की त्रुटियों के निस्तारण में भी अत्यधिक विलंब हो रहा है।
गोण्डा। शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह के अध्यापकों ने शुक्रवार को ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ गोण्डा के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षकों ने खंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मानव सम्पदा पोर्टल पर जारी ऑनलाइन कारण बताओ नोटिस को समाप्त करने की मांग की गई।
संघ के मंत्री राजेश तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में विभागीय ऑनलाइन व्यवस्थाओं में सुचिता, समयबद्धता एवं तकनीकी दिक्कतों की अनेक समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि विभाग समय से गैस आपूर्ति, मध्याह्न भोजन योजना की परिवर्तन लागत, जन्म प्रमाण पत्र एवं आधार वैलिडेशन जैसी प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से संचालित नहीं कर पा रहा है। कई मामलों में महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। इसके अतिरिक्त अवशेष, सीसीएल, मेडिकल भुगतान, चयन वेतनमान तथा मानव सम्पदा पोर्टल की त्रुटियों के निस्तारण में भी अत्यधिक विलंब हो रहा है।
संयुक्त मंत्री विवेक शुक्ला ने कहा कि पूर्व में विभिन्न जनपदों में कराई गई जांच रिपोर्टों में शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की अनुपस्थिति का प्रतिशत अत्यंत कम पाया गया था। उन्होंने बताया कि कई मामलों में मानव सम्पदा पोर्टल तकनीकी रूप से कार्य न करने के कारण ऑनलाइन अवकाश दर्ज नहीं हो पाया, जबकि कुछ मामले स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों से जुड़े थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान निरीक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाकर उपस्थिति सुनिश्चित की जा सकती है।
उन्होंने डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं की निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। इससे डेटा चोरी एवं दुरुपयोग की आशंका बनी रहती है। जनवरी 2023 में दीक्षा ऐप से संबंधित डेटा लीक की खबरों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिना अभिभावकों की सहमति के बच्चों की फोटो का डिजिटल उपयोग उचित नहीं है।
शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि ऐसी परिस्थितियों में डिजिटल अटेंडेंस एवं फोटो आधारित उपस्थिति व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी शशांक सिंह ने 26 अप्रैल 2026 को जारी समस्त प्रधानाध्यापकों, इंचार्ज प्रधानाध्यापकों एवं सहायक अध्यापकों के मानव सम्पदा पोर्टल पर ऑनलाइन कारण बताओ नोटिस समाप्त करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर कोषाध्यक्ष चन्द्रभान वर्मा, सत्यम, उमा शंकर, मोहित, अजीत, देवेंद्र, अजय, अर्चना, रमेश शुक्ल, तेजभान, मुकेश, अमित, इंदुबाला सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।


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