सीएचसी बनकटी पर कार्यरत लिपिक पर डियूटी से गायब रहने का लगा आरोप

प्रमुख सचिव ( गृह ) से लिपिक शमीम के खिलाफ हुई शिकायतलिपिक शमीम के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी हुई शिकायत

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बस्ती। बस्ती जिले के बनकटी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनकटी, जनपद बस्ती में कार्यरत लिपिक द्वारा अनियमित उपस्थिति, कर्तव्यों में लापरवाही एवं संदिग्ध आचरण के संबंध में उच्च स्तरीय जांच कराए जाने हेतु प्रमुख सचिव (गृह) उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ से मांग की गई है और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की गई है आरोप है कि जनपद बस्ती के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनकटी में कार्यरत लिपिक शमीम द्वारा लंबे समय से ड्यूटी में अत्यंत गंभीर अनियमितता एवं घोर लापरवाही बरती जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त कर्मचारी पूरे माह अनुपस्थित रहते हैं तथा केवल वेतन निर्माण ( पेरोल बनवाने) के समय (प्रत्येक माह लगभग 21 एवं 22 तारीख ) को ही कार्यालय में उपस्थित होते हैं,
 
जिससे सरकारी कार्य प्रभावित हो रहा है एवं कार्यालय व्यवस्था बाधित हो रही है। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ० राजेश कुमार को भी अवगत कराया गया है कि उक्त कर्मचारी मूलतः जनपद बलिया जिले का निवासी है तथा उनका निवास गोरखपुर एवं लखनऊ में है। पारिवारिक कारणों से भी वे नियमित रूप से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रहते हैं। उक्त कर्मचारी का मानव संपदा कोड 235211 है। उपलब्ध तथ्यों के अनुसार, संबंधित कर्मचारी द्वारा स्वयं यह कथित रूप से कहा गया है कि वह अपने पूर्व में तैनाती वाले स्थानों पर भी नियमित रूप से ड्यूटी नहीं किया गया है तथा वह अपने अनुसार ही कार्यालय आता-जाता है। लिपिक शमीम का पूर्व सेवा विवरण 1. वर्ष 1995 में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गगहा, जनपद गोरखपुर में लिपिक पद पर तैनाती के दौरान भी नियमित उपस्थिति नहीं रहती थी।
 
2. दिनांक 30 जुलाई 2014 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, गोरखपुर में तैनाती रही। 3. दिनांक 11 सितम्बर 2014 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, देवरिया में तैनाती रही। 4. दिनांक 05 फरवरी 2015 को पुनः मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, गोरखपुर में तैनाती हुई। 5. दिनांक 05 अप्रैल 2018 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरौली, जनपद गोरखपुर में तैनाती हुई। 6. दिनांक 13 अगस्त 2021 से वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनकटी, जनपद बस्ती में कार्यरत हैं। उक्त कर्मचारी द्वारा यह भी कहा गया कि 'आज तक मुझे कोई नौकरी नहीं करवा पाया है, मैं अपने हिसाब से नौकरी करता हूं और मेरा प्रभाव विभाग के उच्च कार्यालय तक है।
 
इस प्रकार के कथन से सरकारी अनुशासन एवं कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। न्याय हित में शिकायत कर्ता ने कहा है कि उक्त प्रकरण को गंभीरता को देखते हुए 1. मामले की उच्च स्तरीय जांच (High & Level Inquiry) कराई जाए। 2. संबंधित कर्मचारी की उपस्थिति, वेतन भुगतान एवं कार्यप्रदर्शन की विस्तृत जांच कराई जाए। 3. आवश्यकतानुसार संबंधित मोबाइल नंबर 9935310326 के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कर वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन कराया जाए। 4. जांच पूर्ण होने तक संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
 
5. यदि कोई वित्तीय प्रशासनिक अनियमितता पाई जाए तो विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि उक्त प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराते हुए आवश्यक कठोर कार्रवाई करने का कष्ट करें जिससे शासन की छवि एवं कार्यप्रणाली में सुधार हो सके। अब देखना यह है कि डियूटी से गायब लिपिक शमीर के खिलाफ क्या विभागीय जांच हो पाती है या जांच के नाम पर लेन देन करके मामले में लीपापोती कर मामले को रफा दफा कर दिया जायेगा ।

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