गोरखपुर में हड़कंप: रेबीज संक्रमित भैंस का दूध पीने वाले 30 लोगों ने लगवाए एंटी-रेबीज इंजेक्शन

उरुवा के बेसहनी गांव की घटना, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

शत्रुघन मणि त्रिपाठी  Picture
Published On

जिला ब्युरो/ कार्यालय गोरखपुर (यूपी)

गोरखपुर जिले के उरुवा क्षेत्र स्थित बेसहनी गांव में रेबीज से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। यहां एक भैंस, जिसे करीब दो महीने पहले पागल कुत्ते ने काट लिया था, रेबीज से संक्रमित हो गई और 17 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। भैंस की मौत के बाद यह खुलासा हुआ कि उसका दूध गांव के करीब 30 लोग नियमित रूप से पी रहे थे, जिससे हड़कंप मच गया।

भैंस की हालत बिगड़ने पर हुआ खुलासा

जानकारी के अनुसार, भैंस के मालिक अभय नाथ को कुत्ते के काटने की जानकारी उस समय हुई जब भैंस ने अचानक खाना-पीना छोड़ दिया और उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। पशु चिकित्सक को बुलाकर जांच कराई गई, जिसमें भैंस के रेबीज संक्रमित होने की पुष्टि हुई। अगले ही दिन भैंस की मौत हो गई, जिससे गांव में भय का माहौल बन गया।

13 लाख की लागत से बना आरआरसी सेंटर पड़ा अनुपयोगी, ग्रामीणों में नाराजगी। Read More 13 लाख की लागत से बना आरआरसी सेंटर पड़ा अनुपयोगी, ग्रामीणों में नाराजगी।

दो परिवारों के 30 लोग थे दूध उपभोक्ता

ग्राम चौपाल का  कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। Read More ग्राम चौपाल का  कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

बताया जा रहा है कि भैंस का दूध अभय नाथ के परिवार के करीब 15 सदस्य और दूध निकालने वाले ग्वाला संत यादव के परिवार के लगभग 15 सदस्य इस्तेमाल करते थे। कुल मिलाकर 30 लोग इस दूध का सेवन कर रहे थे। जैसे ही भैंस के रेबीज संक्रमित होने की जानकारी सामने आई, सभी लोग डर के साये में आ गए और तत्काल चिकित्सा सहायता लेने का निर्णय लिया।

थाना समाधान दिवस पर पड़े पांच प्रार्थना पत्र दो का हुआ निस्तारण Read More थाना समाधान दिवस पर पड़े पांच प्रार्थना पत्र दो का हुआ निस्तारण

सभी ने लगवाए एंटी-रेबीज इंजेक्शन

डॉक्टरों की सलाह पर सभी प्रभावित लोग उरुवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुंचे, जहां उन्हें एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई गई। इंजेक्शन लगवाने वालों में पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी को आवश्यक उपचार और परामर्श दिया।

डॉक्टरों की सलाह: उबला दूध सुरक्षित

उरुवा पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जे.पी. तिवारी ने बताया कि रेबीज संक्रमित पशु का कच्चा दूध पीना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि, यदि दूध को अच्छी तरह उबालकर या चाय के रूप में सेवन किया जाए तो संक्रमण का खतरा नहीं रहता। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की।

प्रशासन ने लोगों से बरतने को कहा एहतियात

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गांव में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को पशुओं के व्यवहार में बदलाव पर नजर रखने और समय रहते सूचना देने की सलाह दी जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियात बरतने की अपील लगातार की जा रही है।

Post Comments

Comments