राम कथा में राम जन्म प्रसंग का वर्णन सुनकर श्रोता हुए भाव - विभोर

इस कथा से सनातन धर्म परंपरा के विशेष कृपा भक्ति भाव की जल जीवन परमात्मा की ध्यान आनंदित होने लगे तब जाने भगवान की कृपा मेरे ऊपर स्थान है।

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

सिद्धार्थनगर। बिस्कोहर कस्बे से सटे जनपद बलरामपुर सीमा पर स्थित मधुपुर पकड़ी गांव में चल रहे नौ दिवसीय श्री राम कथा में शनिवार की रात  यज्ञाचार्य दुर्गेश कुमार शास्त्री अयोध्या से आए हुए जगत गुरु स्वामी राम दिनेशाचार्य ने श्री राम जन्म के बारे में कथा सुनाई जगत गुरु स्वामी राम दिनेशाचार्य ने बताया कि भगवान राम की जन्म किस किस भाव में हुआ उसका वृतांत सुनाने जा रहा हूं।
 
इस कथा से सनातन धर्म परंपरा के विशेष कृपा भक्ति भाव की जल जीवन परमात्मा की ध्यान आनंदित होने लगे तब जाने भगवान की कृपा मेरे ऊपर स्थान है।
 
प्रभू श्री राम भाव सागर पार करने के लिए नाव का आश्चर्य लेकर संसार सागर को पार करना है। श्री राम कथा की श्रवण रसपान में डुबकी लगाए नौका के सहारे भाव सागर पार हो जाता है।
 
यह केवल राम की जन्म के बारे में सच्चे लगन प्रेम से अंतर आत्मा में बिठाना पड़ता है। माता पार्वती ने महादेव से कहा कि प्रभु श्री राम जन्म किस किस रूप में हुआ महादेव जी ने कहा बाल चरित्र किशोरी जी से विवाह, वन गमन, खरदूषण वध, रावण वध, अयोध्या में बैठकर राज्य व प्रजा में कार्य किया।
 
इस अवसर पर धनीराम प्रजापति,सीताराम प्रजापति,पंकज प्रजापति, पप्पू सिंह, संजय सिंह, चेयरमैन अजय गुप्ता,रक्षा राम प्रजापति,धर्मेंद्र शुक्ला, गुड्डू सिंह,प्रेम मोदनवाल,बबलू सिंह, शिवपूजन सिंह, मनीराम प्रजापति, दयाराम प्रजापति, विजय पाल प्रजापति, राम नरेश पासवान आदि लोग मौजूद रहे।
 

About The Author

Post Comments

Comments

नवीनतम समाचार