राजनीति
अक्षय तृतीया के अवसर पर जीरो चाइल्ड मैरिज डे' अभियान का हुआ आगाज
प्रशासन ने सभी सामाजिक संस्थाओं, महिला समूहों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं, शिक्षकों और समाज सेवकों से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय निगरानी रखने का आग्रह किया है।
सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -
शनिवार दिनांक 18-04-2026 को सोनभद्र विकास समिति सोनभद्र एवं चाइल्ड राइट्स एंड यू के सहयोग से संस्था कार्य क्षेत्र के ग्राम कुकराही, हर्दिहवा,अमौली,रैपुरा और ओढिया मे अक्षय तृतीय पर होने वाले संभावित बाल विवाह को रोकने एवं जागरूक करने और बाल विवाह मुक्त भारत' के उद्देश्य को साकार करने के लिये चलाया गया जीरो चाइल्ड मैरिज डे अभियान ।
जिसमे बताया गया कि बाल विवाह के कारण कम उम्र की लड़कियों को आर्थिक, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। इसका उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। प्रशासन ने सभी सामाजिक संस्थाओं, महिला समूहों, ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा बहुओं, शिक्षकों और समाज सेवकों से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय निगरानी रखने का आग्रह किया है।
उनसे कहा गया है कि वे बाल विवाह की किसी भी सूचना को तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं। संस्था सचिव राजेश चौबे ने बाल विवाह रोकने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की साथ ही लोगो की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर के बारे मे बताते हुए कहे की यदि बाल विवाह की सूचना प्राप्त होती है तो 181, 1098 और 112 पर तुरंत दी जा सकती है साथ ही यह भी बताये की यदि लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम है, तो ऐसा विवाह बाल विवाह की श्रेणी में आता है, जो कानूनन अपराध है।
जिसके लिए प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बाल विवाह कराने में शामिल पंडित, मौलवी, टेंट हाउस संचालक, बैंड, मैरिज हॉल, हलवाई, माता-पिता और अन्य सहयोगी सभी दोषी माने जाएंगे। और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत दोषियों को दो वर्ष तक का कारावास, एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। प्रशासन ने यह भी आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
जिला प्रशासन ने लोगों से बालिकाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए बाल विवाह रोकने में सक्रिय भागीदारी निभाने की भी अपील की है। सामाजिक कार्यकर्त्ता सुनीता द्वारा बताया गया कि बाल विवाह रोकथाम के साथ ही संचारी रोगों की रोकथाम के लिए भी बताया गया।
जागरुकता अभियान मे सोनभद्र विकास समिति से काउंसलर साधना सिंह, सामाजिक कार्यकर्त्ता रेखा, रिना शर्मा, रीमा, सुनीता,दिनेश कुमार कोआर्डिनेटर, आगनवाड़ी कार्यकत्री सहित बड़ी संख्या में बच्चें, किशोरियां एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।


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