PMO में शिकायत के बाद बड़ा एक्शन: शिक्षा मंत्रालय सख्त, यूपी में निजी स्कूलों की मनमानी पर जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश के संबंधित अधिकारियों को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं

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बलिया। निजी विद्यालयों द्वारा महंगी किताबें, यूनिफॉर्म और तय दुकानों से खरीद के दबाव के खिलाफ की गई शिकायत पर अब केंद्र सरकार ने संज्ञान ले लिया है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश इकाई के प्रदेश संगठन महामंत्री जितेंद्र चतुर्वेदी द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए शिकायत पत्र के आधार पर भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के संबंधित अधिकारियों को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि जितेंद्र चतुर्वेदी द्वारा दर्ज कराई गई जन शिकायत को उत्तर प्रदेश के स्कूल शिक्षा महानिदेशक एवं समग्र शिक्षा विभाग को प्रेषित किया गया है। मंत्रालय ने निर्देश दिया है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

गौरतलब है कि जितेंद्र चतुर्वेदी ने अपने शिकायत पत्र में प्रदेश भर के निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों पर महंगी किताबें, कॉपियां और यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाने, तथा एनसीईआरटी की पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपने का मुद्दा उठाया था। साथ ही उन्होंने यह भी बताया था कि कई स्कूल स्वयं ही किताबों की बिक्री कर रहे हैं या कुछ निश्चित दुकानों से खरीदारी के लिए बाध्य करते हैं।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जितेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि यह केवल उनकी नहीं बल्कि प्रदेश के लाखों अभिभावकों की आवाज है, जो लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस दिशा में सख्त कार्रवाई होती है, तो इससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी और शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे को और बड़े स्तर पर उठाया जाएगा, ताकि निजी विद्यालयों की मनमानी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

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