गोंडा में एलपीजी उपभोक्ताओं की जेब पर डाका; नियमों को ठेंगा दिखा रही गैस एजेंसियां

गोंडा में गैस उपभोक्ताओं की जेब पर डाका, युद्ध की आड़ में एजेंसियों का 'कमीशन खेल' उजागर

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गोंडा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहराते युद्ध संकट के बीच जनपद की गैस एजेंसियों ने आपदा में अवसर तलाशना शुरू कर दिया है। जहाँ एक तरफ गाँवों में होम डिलीवरी लगभग ठप कर दी गई है, वहीं दूसरी तरफ जो उपभोक्ता खुद गोदाम जाकर सिलेंडर ला रहे हैं, उन्हें उनके कानूनी हक (छूट) से वंचित रखकर पूरी कीमत वसूली जा रही है।
 
होम डिलीवरी पर ₹20 तक की 'अवैध वसूली'
ईरान-इजरायल तनाव से पहले जब गाँवों में गैस की गाड़ियाँ पहुँचती थीं, तब प्रति सिलेंडर ₹20 से ₹30 की अतिरिक्त वसूली को 'नियम' बना दिया गया था। ग्रामीण उपभोक्ताओं का आरोप है कि मना करने पर अगली बार सिलेंडर न देने की धमकी दी जाती है। वर्तमान में आपूर्ति बाधित होने का बहाना बनाकर होम डिलीवरी को और भी सीमित कर दिया गया है।
 
गोदाम पर लाइन लगाने वालों को भी नहीं मिल रही 'कैश एंड कैरी' छूट
पेट्रोलियम मंत्रालय के सख्त निर्देश हैं कि जो ग्राहक खुद एजेंसी से सिलेंडर उठाएगा, उसे ₹19.50 की नकद छूट दी जाएगी। यानी ₹967.50 के बिल पर ग्राहक को केवल ₹948.00 देने चाहिए। लेकिन गोंडा में स्थिति इसके उलट है; गोदाम पर घंटों लाइन लगाने के बाद भी ग्राहकों से पूरे ₹967.50 वसूले जा रहे हैं।
 
 
जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) का सख्त रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पूर्ति अधिकारी (DSO), गोंडा ने उपभोक्ताओं को जागरूक करते हुए कड़ा संदेश दिया है:"गैस सिलेंडर की निर्धारित खुदरा कीमत (RSP) में उपभोक्ता के घर तक पहुँचाने का खर्च शामिल होता है। बिल पर अंकित राशि से अधिक एक रुपया भी माँगना गैर-कानूनी है। यदि उपभोक्ता स्वयं गोदाम से सिलेंडर लाता है, तो एजेंसी को ₹19.50 की 'कैश एंड कैरी' छूट देना अनिवार्य है। यदि कोई एजेंसी संचालक नियम विरुद्ध पूरी वसूली कर रहा है, तो उपभोक्ता तत्काल प्रमाण के साथ कार्यालय में शिकायत करें। दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी पर कार्यवाही की जाएगी।"
— जिला पूर्ति अधिकारी, गोंडा
 
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी जानकारी:
शिकायत कहाँ करें: किसी भी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत IOCL (Indane) या अन्य कंपनियों के टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर दर्ज कराएं। बिल जरूर लें: हमेशा कंप्यूटराइज्ड कैश मेमो की माँग करें और देखें कि उस पर क्या दर अंकित है। सब्सिडी: उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलने वाली सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जा रही है, एजेंसी को अतिरिक्त भुगतान न करें।

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