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गोरखपुर :नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया 20 हजार का जुर्माना
ऑपरेशन कनविक्शन के तहत प्रभावी पैरवी से मिली सजा, शाहपुर थाना क्षेत्र का मामला
गोरखपुर ब्युरो कार्यालय (उत्तर प्रदेश)
गोरखपुर। नाबालिग के साथ दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी का परिणाम मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 में थाना शाहपुर क्षेत्र में नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म से संबंधित मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस ने मु0अ0सं0 194/2022 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया। मा० न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश, गोरखपुर ने अभियुक्त अशरफ अली पुत्र नजाफत अली निवासी हरसेवकपुर नंबर 02, हाता टोला थाना गुलरिहा को अपराध का दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने आरोपी पर 20,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान रखा गया है।
गोरखपुर पुलिस के अनुसार इस मामले में सजा दिलाने में थाना शाहपुर के पैरोकार, मॉनिटरिंग सेल तथा अभियोजन पक्ष की सक्रिय भूमिका रही। ऑपरेशन कनविक्शन के तहत मामलों की लगातार निगरानी और प्रभावी पैरवी के कारण अभियुक्त को सजा दिलाने में सफलता मिली।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (SPP) उमेश मिश्रा और सहायक शासकीय अधिवक्ता (AGDC) संजीत कुमार शाही ने अदालत में मजबूत पैरवी की। दोनों की कानूनी दलीलों और साक्ष्यों की प्रभावी प्रस्तुति के चलते न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में जिले में चल रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत गंभीर अपराधों में दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए पुलिस और अभियोजन विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाना और अपराधियों में कानून का भय स्थापित करना है।
पुलिस ने कहा कि नाबालिगों के साथ होने वाले अपराधों के प्रति प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

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