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गोरखपुर : खजनी सम्पूर्ण समाधान दिवस पर फरियादी की अनदेखी, डीएम के हस्तक्षेप के बाद हुई कार्रवाई
एसडीएम ने फरियादी को भगाया तो डीएम से फोन ऱोकर बताया आपबीती
गोरखपुर ब्युरो कार्यालय (उत्तर प्रदेश)
गोरखपुर जनपद की खजनी तहसील में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक फरियादी को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए पहले दर-दर भटकना पड़ा और अंततः जिलाधिकारी को फोन करने के बाद ही उसकी फरियाद सुनी गई।
जानकारी के अनुसार बलुआ उर्फ बलुसड़ निवासी राजेन्द्र पुत्र जगदेव ने आरोप लगाया कि उनके बैनामा शुदा भूमि के पास स्थित चकमार्ग संख्या 206 (गाटा संख्या 196 के सटे) पर एक व्यक्ति द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि उक्त व्यक्ति न केवल चकमार्ग पर कब्जा कर रहा है, बल्कि धीरे-धीरे उसके खरीदे हुए रकबे पर भी अतिक्रमण करने की कोशिश कर रहा है। इस संबंध में राजेन्द्र ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया।
पीड़ित के अनुसार जब उसने अपनी समस्या राजस्व विभाग के कर्मचारियों के सामने रखी तो अलग-अलग कर्मचारियों द्वारा अलग-अलग रिपोर्ट देकर मामले को उलझाने की कोशिश की गई। इससे समस्या का समाधान होने के बजाय विवाद और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई। राजेन्द्र का आरोप है कि जब वह अपना शिकायती प्रार्थना पत्र लेकर उपजिलाधिकारी खजनी के पास पहुंचा तो उन्होंने प्रार्थना पत्र लेने से ही मना कर दिया और उसे डांटकर वहां से भगा दिया।
इससे आहत होकर पीड़ित वहीं रोने लगा और उसने अपने मोबाइल से जिलाधिकारी गोरखपुर दीपक मीणा को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। पीड़ित की बात सुनने के बाद जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए उपजिलाधिकारी खजनी से फोन पर बात की और फरियादी का प्रार्थना पत्र लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद ही उपजिलाधिकारी ने राजेन्द्र का प्रार्थना पत्र स्वीकार किया।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गरीबों की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके बावजूद खजनी तहसील में सामने आया यह मामला प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार राजस्व विभाग की लापरवाही और विरोधाभासी रिपोर्टों के कारण छोटे-छोटे भूमि विवाद गंभीर रूप ले लेते हैं और कभी-कभी यह हत्या जैसे बड़े अपराधों में भी बदल जाते हैं। ऐसे में समय रहते निष्पक्ष जांच और कार्रवाई बेहद जरूरी है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और विवाद बढ़ने से रोका जा सके।


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