Haryana: हरियाणा में 2 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन हुए शुरू, इस दिन होंगे चुनाव
Haryana News: 9 अप्रैल को खाली होने जा रही हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। Election Commission of India (ECI) ने बुधवार को नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार 5 मार्च तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे, जबकि 16 मार्च को मतदान कराया जाएगा और उसी शाम परिणाम घोषित किए जाएंगे।
रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति
चुनाव आयोग ने हरियाणा के आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल को रिटर्निंग ऑफिसर (RO) नियुक्त किया है। वे फिलहाल राज्य के कृषि विभाग में प्रधान सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, हरियाणा विधानसभा के डिप्टी सेक्रेटरी गौरव गोयल को असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया है।
इस नियुक्ति से पहले चुनाव मामलों के जानकार एडवोकेट हेमंत कुमार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को शिकायत भेजकर विधानसभा सचिव के बजाय किसी आईएएस अधिकारी को RO नियुक्त करने की मांग की थी। आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए पंकज अग्रवाल की नियुक्ति की।
किन सीटों पर चुनाव?
ये दोनों सीटें फिलहाल भाजपा के पास हैं। किरण चौधरी और रामचन्द्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है।
रामचंद्र जांगड़ा मार्च 2020 में निर्विरोध राज्यसभा सांसद बने थे और उनका कार्यकाल 10 अप्रैल 2020 से 9 अप्रैल 2026 तक है। वहीं किरण चौधरी अगस्त 2024 में उपचुनाव के जरिए निर्विरोध राज्यसभा पहुंची थीं। यह सीट Deepender Singh Hooda के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
विधानसभा का गणित क्या कहता है?
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 वैध मत हैं। इनमें भाजपा के 48, कांग्रेस के 37, निर्दलीय 3 और इनेलो के 2 विधायक शामिल हैं। किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए कम से कम 31 वोट चाहिए होंगे।
यदि भाजपा दो उम्मीदवार उतारती है और कांग्रेस एक, तो पहले राउंड में भाजपा अपने एक उम्मीदवार को 31 वोट देकर जिता सकती है, जबकि कांग्रेस भी अपने उम्मीदवार को 31 वोट देकर सीट सुनिश्चित कर सकती है। ऐसे में एक सीट भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाती दिख रही है।
क्या होगा अगर भाजपा दो उम्मीदवार उतारे?
पहले राउंड के बाद भाजपा के पास 17 वोट बचेंगे, जबकि कांग्रेस के पास 6 वोट शेष रहेंगे। निर्दलीय (3) और इनेलो (2) को जोड़ने पर भी भाजपा के पास 22 वोट ही होंगे, जो 31 से कम हैं।
दूसरी सीट जीतने के लिए भाजपा को 9 क्रॉस वोट की जरूरत पड़ेगी। यानी अगर विपक्ष के 9 विधायक क्रॉस वोटिंग करें, तभी भाजपा दूसरी सीट जीत सकती है।
बिना मतदान भी संभव
संवैधानिक मामलों के जानकार एडवोकेट हेमंत कुमार के अनुसार यदि भाजपा और कांग्रेस एक-एक उम्मीदवार उतारती हैं, तो मतदान की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि के बाद दोनों उम्मीदवारों को निर्विरोध घोषित किया जा सकता है।
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संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l

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