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धोखाधड़ी के आरोपियों को बचाने में लगे चौकी प्रभारी कुकुरा -आरोप
पर्याप्त और पुख्ता सबूतों और गवाही के बाद भी जालसाजो की भाषा बोल रहे चौकी प्रभारी मामला थाना मैलानी की पुलिस चौकी कुकुरा के गाव हर दुआ का है
लखीमपुर खीरी- जनपद खीरी की पुलिस चौकी कुकुरा के गांव में एक सुनियोजित साजिश के तहत कूट रचित दस्तावेज तैयार करके जीवित आदमी हरीराम को कागजों पर मृतक दिखा कर स्वरचित परिवार रजिस्टर की नकल में मौर्या बिरादरी की पिंकी देवी पत्नी बिंदर पाल को अनुसूचित जाति के हरीराम की पुत्री बनाकर लगभग दो एकड़ जमीन की फर्जी वरासत कराकर हजम कर लिए जाने की बात चर्चा का विषय बनी है। बताते चलें कि हरीराम पुत्र रज़ई ग्राम हर दुआ, पर0 कुकुरा तहसील गोला खीरी में आराजी नंबर 431 स्थित गाटा संख्या 731 ठ,740 झ कुल रकबा 0.820 हे0 संक्रमणीय भूमि धरी दर्ज है प्रार्थी लगभग 35 वर्ष पूर्व से लखीमपुर खीरी में रहता था अब वर्तमान समय में वाहिद हाल ग्राम घुसनाखोर पोस्ट भरवलिया जिला बस्ती में रह रहा है।
पीड़ित हरीराम के अनुसार उसे हरदुआ बासी लोगों द्वारा पता चला कि मेरी संक्रमणीय भूमि को हल्का लेखपाल भूपेंद्र वर्मा एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा प्रार्थी को मृतक दिखाकर पिंकी देवी पत्नी बंदर पाल को फर्जी हरिराम की पुत्री बनाकर फर्जी बरसात कर दिया गया हरिराम अनुसूचित जाति धोबी है और पिंकी देवी पत्नी बंदर पाल जाति के मौर्य माराव हैं जो अनुसूचित जाति के व्यक्ति की पुत्री मौर्य जाति को बनाकर नाम बरसात किया गया है मैं वर्तमान समय में जीवित हूँ। पीड़ित हरिराम का आरोप है कि लेखपाल भूपेंद्र वर्मा द्वारा पिंकी देवी पत्नी बिंदरपाल से साठ गांठ कर उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया गया तथा मृतक दिखाते हुए हरीराम पुत्र रजई धोबी की पुत्री पिंकी देवी मौर्य को बनाकर बतौर वारिश फर्जी वरासत दर्ज करा ली गई।
उनके द्वारा बनाए गए प्रमाण पत्रों में परिवार रजिस्टर की नकल मृत्यु प्रमाण पत्र का जब खंड विकास अधिकारी बांकेगंज से पुष्टि कराई गई जिसमें उल्लेखित किया गया कि प्रमाण पत्र फर्जी तथा कूटरचित हैं। खंड विकास अधिकारी ने बताया कि परिवार रजिस्टर के अभिलेखों में हरीराम पुत्र रजई नाम का कोई भी व्यक्ति दर्ज नहीं है । जन सूचना अधिकारी ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत हरदुआ के पत्र दिनांक 11 /02/ 2025 द्वारा सूचित कराया गया कि हरीराम पुत्र रजई का किसी अधिकारी द्वारा किसी भी प्रकार का कोई मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है ।
जब हरीराम पुत्र रजई नाम का कोई भी व्यक्ति हरिद्वार में नहीं रहता है और ना ही उसकी मृत्यु हुई है तो फिर ग्राम प्रधान रामकिशन द्वारा हरीराम पुत्र रजई का मृत्यु प्रमाण पत्र किस आधार पर जारी किया गया? वही जब हरीराम पुत्र रज़ई नाम के व्यक्ति का परिवार रजिस्टर में कहीं भी नाम दर्ज नहीं है तो फिर पिंकी देवी पत्नी बिंदर पाल हरीराम पुत्र रजई की पुत्री कैसे बन गई? यह परिवार रजिस्टर किस सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया? आखिर तहसीलदार द्वारा ऑनलाइन मृत्यु प्रमाण पत्र और परिवार रजिस्टर का सत्यापन क्यों नहीं किया गया?
लेखपाल द्वारा उपलब्ध कराए गए फर्जी जाली परिवार रजिस्टर एवं मृत्यु प्रमाण पत्र की सत्यता की जांच क्यों नहीं की गई ?फर्जी एवं कूट रचित प्रमाण पत्रों के आधार पर तहसीलदार गोला द्वारा भारी सुविधा शुल्क लेकर फर्जी वरासत कर दिए जाने के आरोप हरीराम पुत्र रजई द्वारा लगाया जा रहे हैं। तहसीलदार गोला प्रशासनिक पद पर कार्यरत हैं उनको यह शोभा नहीं देता है कि बिना प्रमाण पत्र की सत्यता की पुष्टि किए आंख मूंदकर जिसको चाहे मृतक दिखाकर दूसरे जाति के व्यक्ति की पुत्री बनाकर वरासत का खेल किया जाए।
अपने साथ घटित धोखाधड़ी की घटना से आहत होकर हरीराम पुत्र रजई ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर लिखित शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा धोखाधड़ी के इस खेल में शामिल सक्रिय गैंग के लोगों को नामजद करते हुए दोषी लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराए जाने की मांग की ।मामले की जांच चौकी प्रभारी कुकुरा को सौंपी गई ।चौकी प्रभारी कुकरा विपक्षी गणों से मिली भगत कर आरोपियों की भाषा बोलते दिखाई पड़ रहे हैं। तथा दोषी नामजद लोगों को बचाने के लिए मामले की लीपापोती करने में लगे दिखाई पड़ रहे हैं।
जबकि चौकी इंचार्ज कुकरा को पर्याप्त और पुख्ता साक्ष तथा गांव के दो लोगों की खुली गवाही दिलाने के बाद भी चौकी प्रभारी मामले को मैनेज करने में लगे दिखाई पड़ रहे हैं और घटना की रिपोर्ट दर्ज करने से बचते नजर आ रहे हैं। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार जनपद के थाना मैलानी की पुलिस चौकी कुकरा में लगभग 1 साल से जमे चौकी प्रभारी के यहां इंसाफ बिकता देखा जा सकता है। यहां पर तराजू नहीं हाथों पर होती है अवैध कमाई की गिनती तथा जहां चंद पैसों की खातिर साहब द्वारा संज्ञेय अपराध के अपराधियों को तथा संगठित संज्ञेय अपराध के अपराधियों को क्लीन चिट देने का प्रयास किया जाता है।
लोगों का आरोप है कि साहब के यहां इंसाफ होते ही नहीं सिर्फ बिकते हैं जनाब मुकदमा हमेशा कमजोर और गरीब मजदूरी पैसा लोगों पर ही लिखे जाते हैं। साधन संपन्न और संगेयअपराध के अपराधियों को ऊंचा बैठका दिया जाता है। उपरोक्त आरोप पीड़ित हरीराम द्वारा लगाये जा रहे हैं। हरिराम का आरोप है कि इससे पहले भी उसने कई आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की जिनमें मनमानी और फर्जी रिपोर्ट लगाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाला जाता रहा।
पीड़ित हरी राम पुत्र रजाई ने प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर कर इस षड्यंत्र में शामिल अधिकारी कर्मचारी एवं इस प्रकरण में सम्मिलित ग्राम प्रधान राम कुसुम और भू माफियाओं पिंकी देवी पत्नी बंदर पाल दर्शन और जगन्नाथ के विरुद्ध के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराए जाने की मांग की है अब देखना यह है की चौकी प्रभारी कुकरा द्वारा मामले मैं क्या कार्रवाई की जाती है ?इस मामले में चौकी प्रभारी कुकरा से जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि यदि आपको विश्वास नहीं है तो आप थाना मैलानी जाकर प्रभारी निरीक्षक मैलानी को समस्त तथ्यों से अवगत कराये और अपना मुकदमा वही पंजीकृत कराए।

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