प्रमाण पत्र बनाने में भ्रष्टाचार का मुद्दा विधानसभा में गूंजा
बरही विधायक मनोज यादव ने राजस्व मंत्री से पूछे तीखे सवाल, विद्यार्थियों को राहत देने का मिला आश्वासन
बरही, हजारीबाग, झारखंड:- विधानसभा सत्र के दौरान विद्यार्थियों के जाति, आय, आवासीय एवं जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में हो रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव द्वारा उठाए गए प्रश्न पर चर्चा के दौरान बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने भी भाग लेते हुए अंचल कार्यालयों में व्याप्त अव्यवस्था और कथित लेन-देन की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े किए। डॉ. नीरा यादव ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि निर्धारित नियमों के बावजूद विद्यार्थियों को जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
अंचल कार्यालयों में अनियमितता के कारण छात्रों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उनकी पढ़ाई और अन्य शैक्षणिक कार्य प्रभावित होते हैं। चर्चा में भाग लेते हुए बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने कहा कि विद्यार्थी जीवन से ही यदि युवाओं को सरकारी कार्यालयों में लेन-देन और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़े, तो यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को नामांकन, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए समय पर प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है, लेकिन अनावश्यक देरी और कथित अवैध मांगों के कारण उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है। विधायक मनोज यादव ने सरकार से मांग की कि प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने राजस्व मंत्री से स्पष्ट जवाब की मांग करते हुए पूछा कि इस प्रकार की अनियमितताओं पर सरकार क्या ठोस कदम उठाएगी। राजस्व मंत्री ने अपने जवाब में आश्वासन दिया कि मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी जिलों के उपायुक्तों को विशेष रूप से निर्देशित किया जाएगा कि विद्यार्थियों को आय, जाति, जन्म एवं आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम हो।

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