कबाड़ी की दुकान पर मिली सरकारी स्कूलों की किताबें, डीएम ने लिया संज्ञान
यह पूरा मामला गरीब बच्चों के भविष्य से जुड़ा है। निःशुल्क मिलने वाली किताबों का इस तरह कबाड़ में बिकना गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
बहराइच।
जिले में सर्व शिक्षा अभियान और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं की साख पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। थाना रामगांव क्षेत्र के मेटकहा मोड़ के पास स्थित दिलशाद कबाड़ी की दुकान पर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में निःशुल्क वितरित की जाने वाली पुस्तकों का भारी जखीरा मिलने से हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार, ये किताबें रद्दी के भाव में बेची जा रही थीं और वाहन संख्या UP21FT 8485 के ट्राले से जिले से बाहर भेजे जाने की तैयारी थी। मौके पर बड़ी मात्रा में हिंदी, गणित, विज्ञान समेत अन्य विषयों की पाठ्यपुस्तकें पाई गईं, जो बच्चों के लिए निःशुल्क वितरित की जाती हैं।
इस मामले की जानकारी जिला प्रशासन को दिए जाने के बाद जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने प्रकरण का संज्ञान लिया है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश देते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
Read More चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी ने आजमगढ़ में लॉन्च किया अपना एडमीशन व स्कॉलरशिप पोर्टल सीयूसीईटी 2026स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शिक्षा माफिया और कुछ जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी योजनाओं को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इससे प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है।
पत्रकार फ़राज़ अंसारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला गरीब बच्चों के भविष्य से जुड़ा है। निःशुल्क मिलने वाली किताबों का इस तरह कबाड़ में बिकना गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किताबें कब, कैसे और किनकी मिलीभगत से कबाड़ी तक पहुंचीं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

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