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वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी, हाई अलर्ट पर प्रशासन
शुरुआती जांच में मेल की लोकेशन तमिलनाडु से जुड़ी होने की आशंका जताई जा रही है,
वाराणसी (उत्तर प्रदेश):
वाराणसी की कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया है। जिला जज संजीव शुक्ला को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें ‘जुमे के दिन डेढ़ बजे’ कचहरी परिसर में विस्फोट की धमकी दी गई थी। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
धमकी भरा मेल मिलने के बाद जिला जज ने सेंट्रल बार काउंसिल के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम को सूचना दी और प्रशासन को अलर्ट किया। इसके बाद:
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कचहरी परिसर को तुरंत खाली कराया गया
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एटीएस, बीडीएस और डॉग स्क्वॉड की तैनाती की गई
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दो बार सघन तलाशी अभियान चलाया गया
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पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई
जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद फिलहाल राहत की स्थिति है। हालांकि, प्रशासन अब भी अलर्ट मोड में है।
रेलवे स्टेशन और धार्मिक स्थलों पर बढ़ी सुरक्षा
महाशिवरात्रि से पहले मिली इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए कैंट रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
वाराणसी के जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और जिला जज के बीच हाई-लेवल बैठक भी हुई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
सोमवार से पहले फिर होगी जांच
प्रशासन ने निर्णय लिया है कि छुट्टियों के कारण कचहरी बंद रहने के बाद सोमवार को दोबारा सघन जांच के बाद ही आम लोगों को परिसर में प्रवेश दिया जाएगा।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर शिवहरि मीणा ने बताया कि संदिग्ध मेल के स्रोत की जांच जारी है और साइबर टीम इसमें जुटी हुई है।
ATS कर रही है ‘डेढ़ बजे’ वाले संदेश की जांच
उत्तर प्रदेश एटीएस
की टीम ‘जुमे के दिन डेढ़ बजे’ वाले संदेश को डिकोड करने में लगी हुई है। शुरुआती जांच में मेल की लोकेशन तमिलनाडु से जुड़ी होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पहले भी हो चुका है हमला
गौरतलब है कि इससे पहले 23 नवंबर 2007 को बनारस कचहरी में हुए बम धमाके में 10 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें आतंकी संगठन
इंडियन मुजाहिदीन
का नाम सामने आया था। वहीं, अप्रैल 2016 में भी कचहरी परिसर से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे।
इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन इस बार किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरत रहा है।
जांच जारी, जल्द हो सकता है खुलासा
फिलहाल साइबर सेल, एटीएस और पुलिस की संयुक्त टीम मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं का खुलासा किया जाएगा।

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