अस्थल मंदिर में उमड़ा हिंदू एकता का सैलाब, एल-1 बस्ती में हुआ ‘विशाल हिंदू सम्मेलन’

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नई दिल्ली। संगम विहार क्षेत्र की एल-1 बस्ती स्थित ऐतिहासिक एवं पावन अस्थल मंदिर प्रांगण में रविवार को भव्य विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं, समाजसेवियों, युवाओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
 
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति की रक्षा, हिंदू समाज की एकता को सुदृढ़ करना तथा सामाजिक समरसता को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता आदरणीय उपेन्द्र सिंह ने की। आयोजन को सफल बनाने में उपाध्यक्ष धीरज कुमार, सचिव विशाल रावत जी एवं कोषाध्यक्ष अनिल शर्मा ने संगठनात्मक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराया।
 
सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रामकृष्ण पुरम विभाग के विभाग प्रचारक आदरणीय आशुतोष कुमार का मार्गदर्शक वक्तव्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने 100वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह संगठन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि राष्ट्र के चरित्र निर्माण का अभियान है। संघ ने अपने सौ वर्षों के तप, त्याग और अनुशासन के माध्यम से समाज में राष्ट्रभक्ति, सेवा और संस्कारों का बीजारोपण किया है।
 
” उन्होंने आगे कहा कि संघ का स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र की सेवा करता है, बिना किसी अपेक्षा के राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संघ की विचारधारा को समझें, चरित्र निर्माण करें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें। आ. आशुतोष कुमार ने स्पष्ट किया कि “संघ का कार्य केवल शाखाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्र रक्षा के प्रत्येक क्षेत्र में उसका योगदान निरंतर बढ़ रहा है।”
 
सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत की गई देशभक्ति से ओतप्रोत ‘भारत माता की भव्य प्रस्तुति’ ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही धार्मिक भजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रेरणादायी वक्तव्यों ने वातावरण को पूर्णतः सनातन चेतना से ओतप्रोत कर दिया।कार्यक्रम के समापन अवसर पर “जय श्री राम” एवं “भारत माता की जय” के गगनभेदी उद्घोष के साथ समाजहित, धर्मरक्षा और राष्ट्र उत्थान के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया।

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