चमार महासभा ने सुल्तानपुर में किया प्रदर्शन 

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लोकतंत्र पर 'आघात' के मामलों पर संज्ञान की मांग

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सुल्तानपुर में मंगलवार को चमार महासभा ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित एक मांगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया, जिसमें भारतीय लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कथित 'आघात' पहुँचाने वाले विभिन्न प्रकरणों पर संज्ञान लेने की मांग की गई।
 
मांगपत्र में भाजपा नेता मनोज तिवारी द्वारा सांसद संजय सिंह को सार्वजनिक रूप से 'देशद्रोही' कहे जाने का उल्लेख किया गया। महासभा ने इस बयान को संसदीय मर्यादा का उल्लंघन और संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत प्राप्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया।
 
इसके अतिरिक्त, वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास मामले में दर्ज आठ FIR का भी जिक्र किया गया। इन FIR में आप सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता पप्पू यादव सहित अन्य व्यक्तियों पर सोशल मीडिया पर AI जनित तस्वीरें, वीडियो और भ्रामक जानकारी साझा करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका थी।
 
लखनऊ में 14 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अश्वमित गौतम के खिलाफ दर्ज FIR और उन्हें हिरासत में लिए जाने का मामला भी उठाया गया। अश्वमित सामाजिक मुद्दों, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जातिगत असमानता पर इंस्टाग्राम पर अपने विचार व्यक्त करते रहे हैं। महासभा ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और युवा विचारकों के संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला बताया।
 
महासभा ने अपनी मांगों में सांसदों की गरिमा सुनिश्चित करने, मनोज तिवारी के बयान की जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने, भड़काऊ बयानबाजी पर कानूनी कार्रवाई करने, मणिकर्णिका घाट प्रकरण में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और अश्वमित गौतम जैसे युवा नागरिकों के खिलाफ दर्ज मामलों की संवैधानिक दृष्टि से समीक्षा कर नाबालिगों के अभिव्यक्ति के अधिकार की रक्षा करने की अपील की।
यहां पर राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय राणा चमार, राष्ट्रीय महा सचिव ध्रुव नरायन विश्वकर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट तिलकधारी गौतम आदि मौजूद रहे।
 

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