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मखौड़ा परसुरामपुर से हर्रैया शिवालाघाट तक मनोरमा बदहाल
बस्ती। बस्ती जिले के प्रतिष्ठित नदी मनोरमा अपनी दुर्दशा पर आंसू बह रही है जनप्रतिनिधि और विधायक प्रतिनिधि द्वारा सफाई के नाम पर करोड़ों रुपए का वर्णन न्यारा हो गया लेकिन नदी जस की तस्वीर बनी हुई है लंबी-लंबी झाड़ियां जगह-जगह नदी सूख चुकी है उसकी मर्यादा समाप्त हो रही है जबकि वह मर्यादित स्थान मुख्यक्षेत्र मखौड़ा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्म का श्रेय प्राप्त हरिधाम हर्रैया की पहचान पतित पावनी मनोरमा की बदहाली को दिखाते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता चन्द्रमणि पाण्डेय ने इसकी बदहाली के लिए स्थानीय स्तर पर शासन प्रशासन की निष्क्रियता व जनता की शिथिलता को जिम्मेदार बताते हुए चिंता जताते हुए बताया कि हर्रैया तहसील के अन्तर्गत प्रवाहित मनोरमा की बदहाली बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
किन्तु परसुरामपुर के मखभूमि मखौड़ा धाम जहां अयोध्या के चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ कराया था वहां व हर्रैया नगर पंचायत स्थित शिवाला घाट के पास इसकी बदहाली अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है धार्मिक महत्व के चलते यहां के स्थानीय लोग यहां के दूषित जल में स्नान पूजन अर्चन करने को बाध्य हैं नदियों की सफाई हेतु केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाएं यहां कागजी साबित हो रही है युं तो पूर्व जिलाधिकारी राजशेखर व प्रियंका निरंजन ने मनोरमा सफाई का अभियान चलाया था खण्ड विकास अधिकारी परसुरामपुर तो आयें दिन स्वच्छता अभियान चलाते दिखाई देते हैं किन्तु वो सफाई जमीन स्तर पर कहीं परिलक्षित नहीं होता घाटों की साफ सफाई न होना सफाईकर्मी की कार्यपद्धति पर सवाल खड़ा करता जबकि कूड़े करकट का निस्तारण जन जागरूकता का आभाव नदी किनारे आवास व कृषि कार्य हेतु अतिक्रमण सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित न होना व दर्जनों स्थानों पर मांस मछली की दुकान प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है उन्होंने कहा कि हर्रैया के स्वाभिमान सम्मान के प्रतीक मनोरमा के उत्थान हेतु जनता को जागृत होकर संगठित प्रयास करना होगा।

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