NHAI और क्षेत्रीय जनता की मांगों के बीच फंसा बेलवनिया–शास्त्री नगर गंडक पुल प्रोजेक्ट, उग्र विरोध

बेलवनिया–शास्त्री नगर गंडक पुल विवाद

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शास्त्री नगर गंडक जटहां/ पिपरासी

 ब्यूरो चीफ प्रमोद रौनियार, 

कुशीनगर। बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित जटहां–शास्त्री नगर (बगहा) गंडक पुल परियोजना एक बार फिर विवादों में घिर गई है। पुल निर्माण को लेकर NHAI द्वारा प्रस्तावित शास्त्री नगर (पश्चिमी चंपारण) से यूपी के बेलवनिया मार्ग को लेकर दोनों राज्यों की जनता में गहरा रोष व्याप्त है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि NHAI विभाग ने जनता और जनप्रतिनिधियों की राय को दरकिनार करते हुए एकतरफा निर्णय लिया है। प्रस्तावित बेलवनिया मार्ग को NH–727 से जोड़ने की योजना को अव्यावहारिक बताते हुए लोगों ने खुलकर विरोध शुरू कर दिया है और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्षेत्रीय जनता का कहना है कि सरकार चाहे केंद्र की हो या राज्य की, वह जनता की होती है और ऐसे बड़े प्रोजेक्ट में जनहित और जनप्रतिनिधियों की सहमति अनिवार्य होनी चाहिए। लेकिन बिना संवाद के लिए गए फैसले के कारण लोग मजबूर होकर शास्त्री नगर से सीधे जटहां/पिपरासी के रास्ते गंडक पुल निर्माण की मांग पर अड़ गए हैं।
स्थानीय लोगों का तर्क है कि यूपी–बिहार को जोड़ने वाले NH–727 को बेलवनिया के बजाय जटहां/पिपरासी से जोड़ा जाए तो यह अधिक व्यावहारिक और किफायती होगा। जटहां से NH–727 तक नेबुआ डबल रोड पहले से बनकर तैयार है। इस मार्ग से पुल निर्माण होने पर जहां 20 किलोमीटर प्रस्तावित पूल मार्ग की दूरी घटकर मात्र 9 किलोमीटर रह जाएगी, वहीं आधे बजट में गंडक पुल सह सड़क परियोजना पूरी हो सकती है।
लोगों का कहना है कि इस रूट से पुल बनने पर उत्तर प्रदेश और बिहार के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। फिलहाल परियोजना को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है और जनता प्रशासन से मांग कर रही है कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाए।

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